हाटा/कुशीनगर। प्राचीन समय से ही कुश्ती का आयोजन देश में होता रहा है। खेल की इस कला में भारत विश्व का सिरमौर था। लेकिन इसके प्रति अरुचि से हम काफी पीछे हो गये हैं। देश की इस धरोहर को बचाने के लिए आगे आना होगा तभी हम फिर से विश्व में अपने तिरंगे को लहरा पायेंगे।
उक्त बातें रविवार को नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नम्बर 24 हरिटोला में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता का बतौर कार्यक्रम के आयोजक व साई हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉ राजेश गिरी ने उद्घाटन करने के बाद उपस्थित पहलवानो व जनता को संबोधित करते हुए कहा कि गांव की माटी में एक से एक प्रतिभाएं छुपी हुई हैं लेकिन इन्हें यदि अवसर मिल जाय तो ये अपनी प्रतिभा की खुशबू देश सहित विश्व में बिखेर देंगे। गांव की इसी मिट्टी से निकले पहलवानों ने देश का नाम विश्व पटल पर स्वर्ण अक्षरों में अंकित कराया है जिसे कभी मिटाया ही नहीं जा सकता है। कुश्ती प्राचीन समय में द्बन्द युद्घ के नाम से जाना जाता था जिसे राजा महराजा आयोजित कराते थे। जिसका प्रमाण महाभारत में जरासन्ध व महाबली भीम का द्बन्द युद्घ है। इस प्राचीन धरोहर को बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा। कुश्ती प्रतियोगिता मे रेलवे के अन्तर्राष्ट्रीय पहलवान अमित व भारत केशरी साधु यादव के बीच मुकाबला हुआ जो बराबरी पर छुटा। कुश्ती प्रतियोगिता में लगभग 50 जोड़ हुआ। पहलवानअनिल ने बिनय को आसमान दिखाया। पवन पटेल,गोलू का मुकाबला बराबरी पर छूटा। जबकि इस प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका एन आई एस कोच ओंकार ने निभाई।
इस दौरान वीरेन्द्र सिंह,प्रशांत सिंह, विपिन सिंह, गिरधारी पहलवान, अजय गिरी, सत्यांशु राय, अरविंद गिरी, सोनू गिरी, आदित्य गिरी सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
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