हाटा/कुशीनगर। लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो मुरलीमनोहर पाठक ने कहा कि योग व्यक्ति व समाज के लिए वरदान होता है।नियमित योग से शरीर स्वस्थ रहता है।
वे विश्वविद्यालय व श्रीनाथ संस्कृत महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय योग एवम् सांख्ययोग पर आधारित वर्चुअल कार्यशाला के समापन अवसर पर अपना अध्यक्षीय उद्बोधन दे रहे थे।उन्होंने कहा कि संस्कृत के ग्रंथों में मौजूद योग की जानकारी से सम्पूर्ण मानव समाज लाभ ले रहा है और आज सभी लोग योग की महत्ता समझ रहे हैं।इसका लाभ हमारे समाज को लेना चाहिए।इस दौरान कार्यशाला का प्रतिवेदन प्रो मार्कण्डेय नाथ तिवारी ने रखा, स्वागत भाषण प्रो महेश प्रसाद सिलोड़ी व आचार्य गंगेश्वर पाण्डेय ने दियाविशिष्ट अतिथि प्रो संतोष कुमार शुक्ल ने योग के कार्यशाला को महत्वपूर्ण बताया।डा वाचस्पति मिश्र ने मुख्य वक्तव्य देते हुए योग व सांख्य योग पर विस्तार से व्याख्यान दिया।धन्यवाद ज्ञापन डा देवेन्द्र प्रसाद मिश्र ने दिया और संचालन प्रो मार्कण्डेय नाथ तिवारी ने किया।इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डा राजेश कुमार चतुर्वेदी, डा बशिष्ठ द्विवेदी, मोहन पाण्डेय, डा संदीप कुमार पाण्डेय, सतीश चंद्र शुक्ल, रामानुज द्विवेदी, आदि कार्यशाला में नियमित जुड़े रहे।
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