कप्तानगंज/कुशीनगर (न्यूज अड्डा)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नही होता तो योगी सरकार गन्ना मूल्य की बढ़ोत्तरी भी नही करती।
भाजपा की सरकार विगत चार वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के गन्ने का मूल्य एक भी रूपये नही बढ़ा लेकिन आज प्रदेश की योगी सरकार ने गन्ने का मूल्य पेरार्ई सत्र 2021-22के लिये मात्र 25/- रूपये बढ़ाकर “ऊंट के मुँह में जीरा”वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। वर्ष में 365 दिन होते है यदि 365 में साढ़े चार से गुणा कर दिया जाय तो 1642 दिन होते है।और इन 1642 दिन में 25 का भाग दिया जाय तो किसानों के खाते में लगभग 66 पैसे प्रतिदिन के हिसाब से गन्ने का मूल्य सरकार ने बढ़ाया है जिसका मैं खुलकर विरोध करता हूँ। मेरा संगठन योगी सरकार को बताना चाहता हूँ की इन साढ़े चार वर्षों में मंहगाई ने किसानों गरीबों व मजदूरों के घरों में आर्थिक तंगी का माहौल बन गया है। किसानों के साथ झूठी हितैषी दिखाने वाली भाजपा सरकार ने विगत चार वर्षों में किसानों के गन्ने का मूल्य सिर्फ 25 रूपये बढ़ाकर यह साबित कर दिया कि प्रदेश में विधानसभा का चुनाव 2022 में नही होता तो हम एक पैसे भी गन्ने का मूल्य नहीं बढ़ाते। उक्त बातें वेटरनस एशोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान मोर्चा व भाकियू (अ) के जिलाध्यक्ष रामचन्द्र सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया। श्री सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मोर्चा ने किसानों से अपील की है की आने वाले विधानसभा चुनाव वोट वहीं करना है। 2022 की सरकार उसी की होगी जो किसानों की बात करेगा।
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