कुशीनगर। जनपद में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन नंबर पर मिली शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एक साथ दो उपनिरीक्षक (दरोगा) और एक मुख्य आरक्षी (सिपाही) को लाइन हाजिर कर दिया गया, जिससे पूरे पुलिस विभाग में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, थाना विशुनपुरा में तैनात दरोगा दीपक सिंह और सुनील कुमार के विरुद्ध एंटी करप्शन नंबर पर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में ड्यूटी के दौरान लापरवाही, उदासीनता एवं कर्तव्यों के निर्वहन में शिथिलता जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर इन शिकायतों की स्पेशल टीम से निष्पक्ष जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने पर दोनों दरोगाओं को शनिवार देर रात लाइन हाजिर कर दिया गया। इसी क्रम में थाना सेवरही में तैनात मुख्य आरक्षी मानवेंद्र सिंह के विरुद्ध विचौलियों से संबंध रखने तथा अवैध खनन में लिप्त होने की शिकायत एंटी करप्शन नंबर पर मिली थी। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित सिपाही को भी लाइन हाजिर कर दिया गया।
एसपी केशव कुमार ने दो टूक कहा कि एंटी करप्शन नंबर पर प्राप्त शिकायतों की गहन जांच के बाद ही कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद में भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू है।
एसपी ने सख्त संदेश देते हुए कहा, “दायित्वों के प्रति लापरवाह, भ्रष्टाचार या अवैध गतिविधियों में लिप्त किसी भी पुलिसकर्मी को किसी भी दशा में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन की शिकायतें हमारी प्राथमिकता हैं और सही पाए जाने पर कार्रवाई तय है।”
इस कड़ी कार्रवाई से जहां एक ओर पुलिस महकमे में अनुशासन का संदेश गया है, वहीं आम जनता में यह विश्वास भी मजबूत हुआ है कि शिकायत करने पर ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
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