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कार्यदायी संस्था की लापरवाही से सलेमगढ़ में जाम का महाजाल, कारोबार बेहाल! बदहाल सर्विस रोड बनी मुसीबत, दो दिन से रेंग रहे वाहन; दो हिस्सों में बंटा बाजार, व्यापारियों की बढ़ी चिंता ओभर ब्रिज निर्माण का हाल भाग (दो)

Surendra nath Dwivedi

Reported By:

Nov 1, 2026  |  1:06 PM

774 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
कार्यदायी संस्था की लापरवाही से सलेमगढ़ में जाम का महाजाल, कारोबार बेहाल! बदहाल सर्विस रोड बनी मुसीबत, दो दिन से रेंग रहे वाहन; दो हिस्सों में बंटा बाजार, व्यापारियों की बढ़ी चिंता ओभर ब्रिज निर्माण का हाल भाग (दो) WhatsApp
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कुशीनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के सलेमगढ़ चौराहे पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के चलते पैदा हुई जाम की समस्या के पीछे बदहाल सर्विस रोड और निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही प्रमुख वजह बनकर सामने आ रही है। सर्विस रोड को सुचारु और सुरक्षित बनाने में कार्यदायी संस्था की कथित लापरवाही का खामियाजा आम राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। शनिवार देर रात से रविवार तक जाम की स्थिति बनी रहने से बड़े मालवाहक ट्रकों, लग्जरी बसों और पर्यटक वाहनों के पहिये थमे रहे। वहीं, ओवरब्रिज निर्माण के चलते पहले से दो हिस्सों में बंटे सलेमगढ़ बाजार पर अब जाम की मार भी पड़ने लगी है। लगातार दूसरे दिन आवागमन बाधित होने से स्थानीय व्यवसायी अपने कारोबार को लेकर चिंतित हैं।

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सर्विस रोड दुरुस्त होती तो शायद नहीं बनते ऐसे हालात! सलेमगढ़ में ओवरब्रिज निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन निर्माण के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए सर्विस रोड की व्यवस्था सबसे महत्वपूर्ण है। आरोप है कि कार्यदायी संस्था ने सर्विस रोड को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। सड़क पर गड्ढे, फैली मिट्टी और बदहाल रास्ते के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही है। नतीजा यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। यदि सर्विस रोड को समय रहते दुरुस्त किया गया होता और निर्माण स्थल पर यातायात के बेहतर इंतजाम किए गए होते, तो शायद वाहन चालकों को इस तरह की दुश्वारियां नहीं झेलनी पड़तीं। निर्माण कार्य की धीमी गति के साथ सर्विस रोड की बदहाली ने लोगों की परेशानी दोगुनी कर दी है।

शनिवार देर रात से रविवार तक सलेमगढ़ में जाम का सिलसिला जारी रहा। बड़े मालवाहक वाहनों के साथ लग्जरी बसें और पर्यटकों को लेकर चलने वाली बसें भी जाम में फंसी रहीं। बिहार से उत्तर प्रदेश की ओर आने वाले वाहन हों या उत्तर प्रदेश से बिहार की तरफ जाने वाले वाहन, दोनों ओर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच उत्तर प्रदेश से बिहार की ओर जा रहा एक मालवाहक ट्रक सर्विस रोड पर खराब होकर खड़ा हो गया, जिससे यातायात की समस्या और बढ़ गई। पहले से संकरे और बदहाल रास्ते पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम खुलने में भी मुश्किलें पैदा हुईं। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ साइकिल सवारों को भी भारी वाहनों के बीच से रास्ता निकालने में जोखिम उठाना पड़ा।सलेमगढ़ चौराहा आसपास के क्षेत्रों का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है। यहां के बाजार में स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से आने वाले ग्राहक भी खरीदारी करते हैं। लेकिन ओवरब्रिज निर्माण के चलते चौराहे का बाजार दो हिस्सों में बंट गया है। अब बदहाल सर्विस रोड और जाम की समस्या ने व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बीते दो दिनों से लगातार बनी जाम की स्थिति का असर बाजार की गतिविधियों पर पड़ने लगा है। रास्ते में फंसने और दुकानों तक पहुंचने में परेशानी के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने की चिंता कारोबारियों को सता रही है। व्यापारियों के लिए यह महज आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि उनके रोजगार और कारोबार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। ओवरब्रिज निर्माण से भविष्य में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन वर्तमान में कार्यदायी संस्था की ओर से सर्विस रोड को लेकर बरती जा रही कथित लापरवाही लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ऐसे में निर्माण कार्य के साथ स्थानीय बाजार और व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु बनाए रखना भी जरूरी है।
ओवरब्रिज निर्माण का उद्देश्य आवागमन को आसान बनाना और जाम से निजात दिलाना है। लेकिन सलेमगढ़ में सर्विस रोड की बदहाली के चलते यही निर्माण लोगों के लिए मुसीबत बनता दिखाई दे रहा है। सवाल यह है कि जब निर्माण कार्य पहले से तय योजना के तहत चल रहा है, तो कार्यदायी संस्था ने सर्विस रोड को सुचारु रखने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए? सड़क पर फैली मिट्टी, गड्ढों और यातायात के दबाव को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं दिखाई दे रही है? सवाल सिर्फ जाम का नहीं, जिम्मेदारी का भी है। आखिर निर्माण कार्य कराने वाली कार्यदायी संस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा? क्या आम जनता, वाहन चालकों और व्यापारियों को इसी तरह रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ेगा?

अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्था तत्काल सर्विस रोड को दुरुस्त कराएं, सड़क पर फैली मिट्टी हटवाएं, गड्ढों को भरवाएं और यातायात सुचारु रखने के लिए ठोस व्यवस्था करें। साथ ही निर्माण कार्य की नियमित निगरानी कर लापरवाही के लिए जिम्मेदारी भी तय की जाए ।सलेमगढ़ के लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास कार्य के नाम पर अव्यवस्था और लापरवाही का बोझ ढोने को मजबूर भी नहीं होना चाहते। यदि समय रहते कार्यदायी संस्था ने सर्विस रोड की सुध नहीं ली, तो जाम की समस्या राहगीरों की परेशानी के साथ स्थानीय व्यापारियों के कारोबार पर भी और भारी पड़ सकती है।

क्रमशः

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