कुशीनगर। गुरूवार को सहायक निदेशक मत्स्य कुशीनगर अनंत कुमार यादव ने आमजन को अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम 1948 के शासनादेश के अनुसार नदियों,जलाशयों एवं बहती जल धाराओं जिसमें मछली प्रजनन करती है, को दृष्टिगत रखते हुए प्रजननशील मछलियों की शिकारमाही पर प्रतिबंध लागू है। संबंधित जल धाराओं में कोई भी व्यक्ति 15 जुलाई 2021 से 31 अगस्त 2021 तक मत्स्य जीरा तथा अंगुलिका को ना ही पकड़ेगा ना बेचेगा। उक्त अधिनियम के अंतर्गत कोई भी विस्फोटक पदार्थ, विषैले रसायन का प्रयोग शिकार माही में नहीं करेगा तथा आदेशों के उल्लंघन में अधिनियम की धाराओं के तहत दंडनीय अपराध होगा। उक्त स्थलों पर या जलाशयों पर दिनांक 1 जुलाई 2021 से 31 अगस्त 2021 तक शिकार माही प्रतिबंधित रहेगा।
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