कुशीनगर।जिले के बाढ़ खण्ड के अन्तर्गत 14.400 किमी. छितौनी तटबंध गण्डक नदी के पानी के तीब्र दबाव को नहीं झेल सकता और दिनभर के रिसाव के बाद शुरुआती चन्दा गुलरभार से थोड़ी दूर आगे रात्रि के 10.30 बजे 0.200 किमी. पर लगभग 8 मीटर की लम्बाई में टूट गया।
बंधा टूटने से गण्डक नदी के पानी की धारा गैनहीं ड्रेन में गिरकर उफना रही है। रात्रि में बारिश और संसाधन की कमी की वजह मरम्मत कार्य करने में विभाग के पसीने छूटने लगे। बाढ़ खण्ड ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी है। फिलहाल बचाव के उपाय किए जा रहे हैं फिलहाल ड्रेन के किनारे बसे गांवों के लोगों की नींद उड़ गई है।
इन गांवों के लोग बांध टूटने का खतरे को लेकर है हलकान: महराजगंज जनपद के चन्दा गुलरभार, कलनहीं, ढोमा, चरिघरवा, बीन टोला, बढ़ता आदि टोले के लोग बांध पर पहुंचकर बचाव के उपाय ढूंढ रहे हैं। तो वहीं बांध टूटने से कुशीनगर के मदनपुर भेड़िहारी, बुढ़वा जंगल, सिंसईं दधिचि, सारंगछपरा, तुर्कहां से सोहरौना आदि गांवों के लोग बाढ़ से प्रभावित हो जाएंगे।
बिभाग के हाथ खाली, नहीं है बंधे पर कोई बचाव सामग्री: बाढ़ खण्ड छितौनी तटबंध के बंधे के रिसाव पर खाली हाथ बचाव कार्य में जुटा हुआ है। बांध पर नरकट व झाड़ियो के बीच कोई बचाव सामग्री उपलब्ध नहीं है। न ही डंप के लिए वहां बोल्डर व पत्थर है और न ही बालू व मिट्टियों से भरे बोरों का प्रवंध है। जानकारों की मानें तो रात में कहीं रिसाव बढ़ा तो बंधे को बचाया नहीं जा सकता है।
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