कुशीनगर।डॉक्टर का पेशा मरीजों के जीवन से संबंधित होता है। डॉक्टर अपने ड्यूटी को गंभीरता व संवेदनशीलता से निभाएँ।उक्त निर्देश कलेक्टरेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की बैठक में जिलाधिकारी एस0 राजलिंगम ने दिए।
इस बैठक में पोषण पुनर्वास केंद्र, आशाओं का भुगतान, इंटीग्रेटेड हेल्थ इनफॉरमेशन डाटा, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, कोविड टीकाकरण, डाटा फीडिंग, संस्थागत प्रसव, मातृ मृत्यु, मातृ स्वास्थ्य इत्यादि मुद्दों पर समीक्षा हुई।इस क्रम में जिलाधिकारी महोदय ने पोषण पुनर्वास केंद्रों पर मरीज की भर्ती कराए जाने के मामले में कहा कि मामले को गंभीरता से लें एवं केंद्र पर मरीजों की ओक्यूपेंसी बढाये। एनआरसी में एडमिशन करते वक्त बच्चों की स्थिति और अद्यतन स्थिति के बारे में भी जानकारी लेने हेतु उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया। कितने बच्चे सामान्य श्रेणी में आ चुके हैं की भी रिपोर्ट देने को जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया गया।ग्राम स्वास्थ्य पोषण के संदर्भ में उपस्थित एम ओ आई सी को नियमित मॉनिटरिंग हेतु निर्देशित किया व गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता तथा संस्थागत प्रसव की संख्या बढ़ाने के कहा।जिलाधिकारी ने न्यू बोर्न केअर यूनिट व न्यू बोर्न स्टेबलायजेशन यूनिट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होनें कहा कि हर सी एस सी में ये यूनिट कार्यशील हो।जिलाधिकारी ने आशाओं के भुगतान की स्थिति जानी। आशाओं के अवशेष भुगतान को जल्द करवाने हेतु निर्देशित भी किया गया। ए0 एन0 सी0 सर्विस में जहाँ गिरावट है वहाँ के चिकित्सा अधिकारी को प्रगति बढ़ाने हेतु निर्देशित किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जहां कमतर प्रदर्शन है वहाँ के एम ओ आई सी समीक्षा करें। सभी एम ओ आई सी को अपने अपने क्षेत्र में विजिट करने का निर्देश दिया तथा आशाओं के कार्य को नियमित मोनिटरिंग हेतु निर्देशित किया।कुल संस्थागत प्रसव के मामले में जनपद की खराब स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी महोदय ने सभी एमआईसी को निर्देशित किया तथा मुख्य चिकिसाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी संस्थागत प्रसवों का रिकॉर्ड होना चाहिये। डी एम ने कहा कि आशाओं द्वारा संस्थागत प्रसव का डेटा दिया जाना चाहिए। महिलाओं के घर जाकर डिलीवरी संबंधी रिपोर्ट ली जाए। डी एम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनवाड़ी के माध्यम से प्रसव दौरान जन्म और मृत्यु के आंकड़े उपलब्ध कराए जाने हेतु निर्देशित किया। बैठक में होम बेस्ड न्यू बोर्न केअर प्रोग्राम की भी समीक्षा हुई। समीक्षा दौरान इसमें कमतर प्रदर्शन पर एम ओ आई सी नेबुआ नौरंगिया, खड्डा के वेतन में 10 प्रतिशत की तथा एम ओ आई सी कप्तानगंज, फाजिलनगर, हाटा के वेतन में 05 प्रतिशत की कटौती के निर्देश सी एम ओ को दिए गए।कोविड टीकाकरण के प्रिकॉशन डोज की प्रगति, 12 से 14 वर्ष के बच्चों के कोविड टीकाकरण, 15 से 17 वर्ष के बच्चों के टीकाकरण की भी प्रगति जानी गई तथा टीकाकरण के नोडल डॉक्टर संजय गुप्ता को निर्देशित किया गया।हेल्थ रैंकिंग डैशबोर्ड पर जनपद की स्थिति में सुधार हेतु डी एम ने निर्देशित किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेश पटारिया, परियोजना अधिकारी जगदीश त्रिपाठी, जिला पंचायत राज अधिकारी अभय यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र राय, सभी एम0 ओ0 आई0 सी0 व संबंधित अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारीगणों की उपस्थिति रही।
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