कुशीनगर । आज कल उत्तर प्रदेश _बिहार सीमा पर एक तथा कथित चौकीदार की करस्तानी की चर्चा खूब सुर्खियां ईकाठा कर रहा है। कुछ समय पहले भी इसकी कारगुजारियां हवा में तैर रही थी,लेकिन वर्तमान इंस्पेक्टर ने इसकी करिश्मा पर नकेल लगाया था। लेकिन समय बदला आज कल फिर सीमावर्ती इलाकों में इसकी करस्तानी बोलने लगी है।यह चर्चा तेज हैं कि इस चौकीदार का बिहार के शराब तस्करों से गठजोड़ मजबूत हैं। इस चौकीदार की ख्याति बिहार में इतनी है कि गोपालगंज, सिवान, छपरा, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गाया व अन्य कई दूसरे जनपदों के शराब तस्करों से है।
चर्चाओं पर विश्वास करे तो जो तस्कर इस तथा कथित चौकीदार के सिस्टम में नहीं बैठता, वह बिहार सीमा पर पहुँचने के पहले ही पुलिस के गिरफ्त में आ जाता है।सूत्र यह भी बताते हैं पुलिस द्वारा शराब सहित तस्करों के पकड़े जाने के बाद अगर मैनेज की स्थिति बनती हैं, और उक्त चौकीदार को हजम नहीं होता तो वह फोटो वायरल करा देता है। फिर पुलिस द्वारा उनके खिलाफ कार्यवाही करना मजबूरी हो जाती हैं।
चर्चाओं एवं सूत्रों की माने तो बिहार सीमा पर इस चौकीदार का रसूख बोल रहा है। यह दीगर बात है कि उक्त चौकीदार को लेकर पुलिस महकमा अपना कमाऊ पूत समझता हैं। लेकिन सच्चाई यह भी हैं कि उक्त चौकीदार बाहर भी अपना प्रभाव बनाये रखने के लिए अंदर की बात बाहर भी करता रहता हैं।
चर्चाओं पर विश्वास करें तो इस चौकीदार की एक और खासियत हैं, यह सार्वजनिक रूप से लोगों से कभी बात नहीं करता। जिससे इसकी चर्चा बाहर नहीं होती। लेकिन जब से तरयासुजान थाने का बंटवारा हुआ और तमकुहीराज थाना बना हैं,तब से बिहार सीमा पर इस चौकीदार का रसूख धीरे धीरे बढ़ने लगा हैं। और प्रतिदिन अपने एक साथी के साथ बिहार सीमा के अगल बगल अपनी दो पहिया मोटरसाइकिल से मटर गस्ती करते नजर आते हैं।
जानकारों के बातो पर अमल करे तो दिन के उजाले में तो सही है,रात की अधियारो में अपने दो पहिया वाहन से चौक चराहे पगडंडी रास्तों पर इन्हे देखा जा सकता है,इनका कार्य क्षेत्र आज कल तमकुहीराज थाना से लेकर सीमावर्ती थाना तरयासुजान के हाईवे के साथ अन्य मार्गो पर विचरण का है। सबसे मजेदार बात यह है की कथित चौकीदार थाना पर कभी नहीं जाता है। इतना जरूर है की कुछ पुलिसकर्मियों के निजी आवास पर रात या दिन को देखा जा सकता है। इस कथित चौकीदार का संरक्षण हाईवे के थानों पर तैनात कुछ पुलिस कर्मियो द्वारा दिया जाता है। जिसमे तमकुहीराज, तरयासुजान के कुछ पुलिसकर्मी इनके साथ गुफ्तगू करते जरूर नजर आते है। काश! साहब एक बार आपकी नजरे इनायत इस महाशय पर होती ?
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