कसया/कुशीनगर। कुशीनगर से होकर बहने वाली बौद्धों की गंगा हिरण्ड्यवती नदी आमी से भी काली होती जा रही है। इस बार नदी में मछली मारने के लिए सातवीं बार जहर डाल कर शातिरों ने जलीय जीवों को मार दिया। स्थानीय प्रशासन और समाजसेवी मूक दर्शक बने हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक शातिरों ने नदी में शनिवार/रविवार की रात मी मछली पकड़ने के लिए जहर डाला जिससे मछलियों के साथ अन्य जीव भी मर गए। मौके पर आज सुबह मछली पकड़ने वालों ने मछलियां बटोरी। लोगों के अनुसार मछली मारने के लिए गिद्ध दृष्टि रखने वाले लोगों द्वारा चार बार अलग अलग जगहों पर जहर डाला गया। जहर डालने से जलीय जीवों की मौत तो हो ही रही है उधर प्रदूषित जल पशुओं तक के पीने योग्य नहीं रह गया है। नागरिकों का कहना है कि नदी में हर साल जहर डाला जाता है जिससे पर्यावरण प्रदूषण को खतरा बढ़ गया है। एक तरफ स्वच्छता का नारा दिया जाता है। दीप जलते हैं और कुछ लोग जहर डाल देते हैं। चन्द मुनाफे के लिए। जहर से मरी मछलियों को लोगों के हाथों बेंच दिया जाता है। अब देखना है कि यह सिलसिला कबतक चलता है या कोई पहल प्रशासन और समाज करेगा ताकि जहर से बची रहे ।
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