कुशीनगर । जनपद के थाना तरयासुजान में तैनात हेड कांस्टेबल को चेकिंग के दौरान अज्ञात वाहन ने रौंद दिया जिसमे हेड कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए जिसके बाद उनको त्वरित उपचार के लिये जिला अस्पताल लाया गया, जहाँ डाक्टरो ने उनको मृत घोषित कर दिया। वही हेड कांस्टेबल को रौंदने के बाद अज्ञात वाहन चालक वाहन को लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना पर आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात वाहन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकरी के अनुसार जनपद सन्तकबीरनगर के रहने वाले 2005 बैंच से पुलिस सेवा में योगदान कर रहे धर्मबीर यादव पुत्र स्व राम मनोज यादव की तैनाती कुशीनगर जनपद के तरयासुजान थाना में थी। जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाई जा रही अभियान में बीती रात पुलिस की टीम बनी थी उस टीम में धर्मबीर भी एक सदस्य थे, जो तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के जोकवा में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। मंगलवार/बुधवार के रात्रि में चेकिंग के दौरान उन्हें एक संदिग्ध गाडी दिखी। इस पर पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध वाहन को रुकने का इशारा किया तो चालक ने गाडी की रफ्तार बढ़ा दी जिसके चपेट में दीवान धर्मबीर आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गये। जिन्हें उपचार के लिये जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डाक्टरो ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

दिलेर धर्मबीर को दी गयी अंतिम विदाई,नम हुई सबकी आँखे: पुलिस लाइन में हे0का0 धर्मवीर यादव को दी गयी श्रद्धांजलि एवं अन्तिम विदाई । इस दुखद घटना के कारण जनपद पुलिस द्वारा गहरी शोक संवेदना व्यक्त की गयी तथा पुलिस लाइन में मृतक के शव को पुलिस अधीक्षक कुशीनगर धवल जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, समस्त क्षेत्राधिकारी तथा अन्य अधिकारीगण द्वारा शोक सलामी के बाद कंधा दिया गया। इस दौरान वहां मौजूद सभी की आँखें नम रहीं।

पीछले मार्च में करीब एक वर्ष पूर्व तरयासुजान थाने में सेवा देने आये कांस्टेबल धर्मवीर को क्या पता था कि यह उनकी अंतिम पोस्टिंग साबित होगी। परिवारिक सुख दुख से जूझता सिपाही 17 वर्षों से पुलिस मापदंड पर सदैव खरा उतरता रहा। घटना के बाद पुरे थाना परिसर व उनको शुभचिंतक गण मे शोक की लहर है।
यहाँ बताना लाजमी होगा कि दीवान धर्मवीर को विवादों में समझौता कराने में महारत हासिल थी। जिस वजह से अक्सर इन्हे थाने पर लगे प्रथम डेस्क पर ही ड्युटी रहती थी। संजिंदगी से चेहरे पर मद्धम मुस्कान लिए कार्यरत दीवान अक्सर थाने में पहुंच रहे मामलों को गंभीरता से लिया करता था यही खुबियां रही कि पूर्व थानाध्यक्ष हो या कपिलदेव चौधरी दोनों के बिल्कुल करीब रहा। हालांकि दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और निश्पक्ष सेवा के वजह से कुछ लोगों के आंख के किरकिरी भी रहे।
— News Addaa (@news_addaa) June 15, 2022
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