कुशीनगर। संयुक्त सचिव जल शक्ति अभियान भारत सरकार लुकास एल कंसुअन व तकनीकी विशेषज्ञ(जल संरंक्षण) वैज्ञानिक डी माधव के जनपद कुशीनगर में 03 दिवसीय भ्रमण के संदर्भ में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में जल संरक्षण संबंधित प्रगति व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।बैठक में जल संरक्षण संबंधित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्षों ने विभाग द्वारा अपनाए गए उपायों व कार्यों की प्रस्तुतीकरण संयुक्त सचिव जल शक्ति के समक्ष दी गई।
प्रभागीय वन अधिकारी अनिल श्रीवास्तव द्वारा वृक्षारोपण जन आंदोलन 2022 के संदर्भ में जनपद में हुई प्रगति की रिपोर्ट दी गई। इस क्रम में उनके द्वारा बताया गया कि जनपद में 40 लाख वृक्षारोपण का लक्ष्य था जो 27 विभागों को आवंटित किया गया था जिसके सापेक्ष जनपद ने 40 लाख के लक्ष्य की प्राप्ति कर ली है। उन्होंने हरीतिमा ऐप, मियावाकी वन, बाल वन, युवा वन, अमृत वन, तथा बुद्ध वन के बारे में भी बताया।डीसी मनरेगा राकेश कुमार द्वारा अमृत सरोवर के माध्यम से जल संरक्षण की प्रगति के बारे में संयुक्त सचिव को बताया गया। उन्होनें बताया कि जनपद में कुल 75 अमृत सरोवर हैं सभी की जियो टैगिंग हो चुकी है। इस क्रम में डीसी मनरेगा ने जनपद में अवस्थित तालाबों व मनरेगा पार्कों की प्रगति का भी विवरण दिया।जिला पंचायत राज अधिकारी अभय यादव ने ग्राम पंचायत द्वारा जल संरक्षण हेतु किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने जनपद में निर्मित सोक पिट, गरीब ग्रामीण परिवारों के लिए ग्राम पंचायत द्वारा जल संरक्षण हेतु घर पर ही सोक पिट का निर्माण के बारे में बताया। इस क्रम में उन्होंने बताया कि जनपद में 81 ग्राम पंचायतों में 3996 लक्ष्य के सापेक्ष 3476 सोक पिट बनाए जा चुके हैं जिनकी जियो टैगिंग भी हो चुकी है।बाढ़ खंड द्वारा बाढ़ प्रबंधन हेतु विभिन्न तटबंधों की स्थिति, स्पर निर्माण, परक्यूपाइन की स्थिति के बारे में संयुक्त सचिव को बताया गया।
अधिशासी अभियंता सिंचाई ने जनपद में विभिन्न नहरों की स्थिति बताई।संयुक्त सचिव ने उपस्थित सभी अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि जनपद कुशीनगर में जल संरक्षण का जो अभियान है, वहां पानी की कमी नहीं है किंतु कभी-कभी ज्यादा पानी से नुकसान भी हो जाता है। अतः मेहनत की जरूरत है। उन्होंने जल संरक्षण को एक चुनौती बताते हुए उससे मुकाबला करने को कहा। अमृत सरोवर के संदर्भ में अच्छा कार्य होने पर उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की तथा कुशीनगर मैं जल संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्यों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है की जनपद कुशीनगर में जल संरक्षण हेतु किए जा रहे कार्य सही दिशा में जा रहे हैं ।सभी कार्यों को पोर्टल पर अपलोड करें और इस प्रकार के कार्यों से दूसरे जनपद भी प्रेरित होंगे। संयुक्त सचिव ने बताया कि यह एक कलेक्टिव नेशन मिशन है ।ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए आज की वर्तमान स्थिति में जल संरक्षण एक चुनौती है जिसका हमें सामना करना है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने संयुक्त सचिव व उपस्थित तकनीकी विशेषज्ञ वैज्ञानिक को धन्यवाद ज्ञापित किया तथा यह आश्वासन दिया कि आगे भी जल संरक्षण हेतु उपाय निरंतर जारी रहेंगे।
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