कुशीनगर। रक्तदान के प्रति जागरूकता की कमी के कारण जहां अपने भी रक्त दान के लिए तरह तरह के बहाने बनाते नजर आने लगते है, वहीं एक सिपाही ने शुक्रवार को अपनी संवेदनशीलता का परिचय देते हुए मौत से लड़ रहा एक तेरह वर्षीय अनजान बच्चे को अपना रक्त देकर उसकी जान बचाने में महती भूमिका निभाई।
घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार, कुशीनगर साइबर सेल में कार्यरत सिपाही प्रशांत कुमार मिश्रा सादर अस्पताल में अपने निजी कार्य से गए हुए थे की तभी वहां गेट पर मौत से लड़ रहा एक बीमार तेरह वर्षीय बच्चे के परिजनों को रोते बिलखते देख सिपाही से रहा नहीं गया। पूछने पर परिजनों ने बताया कि बीमार बच्चे को बचाने के लिए के दो यूनिट खून की सख्त जरूरत है, जो काफी ढूंढने के बाद भी मिल नहीं पा रहा है। परिजनों की बात सुनते ही सिपाही ने बताया कि आप लोग की जरूरत के मुताबिक मेरा रक्त ले सकते है। सिपाही की इस बात को सुनकर परिजन आवाक रह गए। कारण, एक सिपाही की जैसी दुर्दांत छवि उनके जेहन में थी, वह उसके संवेदनशील रवैये को देखकर धुल चुकी थी। सिपाही की इस मानवीय संवेदना के प्रति आभार प्रकट करते हुए परिजनों ने तो यहां तक कह डाला कि आप हमारे लिए भगवान बनकर आए है। पीड़ित बच्चा टुनटुन गोड पुत्र रामानंद निवासी कोकलपट्टी थाना बिसुनपुरा जिला कुशीनगर गांव की निवासी है। इस संबंध में सिपाही प्रशांत कुमार मिश्र ने बताया कि मौत से लड़ रहे अनजान महिला को रक्त देकर उसने इंसानियत का रिश्ता निभाया है।
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