खड्डा/ कुशीनगर (न्यूज अड्डा)। प्रकृति की मेहरबानियों पर निर्भर अन्नदाता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। खड्डा क्षेत्र में पिछले दो माह पहले से हो रही लगातार बारिश ने गन्ना की फसलों के साथ ही धान की भी फसल को बर्बाद कर दिया है। इससे सैकड़ो एकड़ क्षेत्रफल में गन्ने की फसल जलभराव की चपेट में आ जाने से सूखकर बर्बाद हो रही है।
खड्डा व छितौनी समिति क्षेत्र के गन्ना किसानों की पिछले बर्ष गन्ना की फसल सूखने से काफी छति हो रही है, जिसके वजह से चीनी का कटोरा कहे जाने वाले इस क्षेत्र के हजारों किसानों के समक्ष संकट पैदा हो गया। चीनी मिलें भी फरवरी मार्च में सम्पूर्ण पेराई कर बन्द हो गईं। किसान अरविंद ओझा, राजू सिंह, राधेश्याम तिवारी, मजीबुल्लाह अंसारी, लल्लन गुप्ता, विजय पाण्डेय, सन्तोष, ध्रुव नारायण यादव, अतुल दूबे, अवनिन्द्र गुप्ता, प्रभात तिवारी आदि ने बताया कि इस बार अच्छी आमदनी की उम्मीद में गन्ने की खेती की थी, ईलाके में शीघ्र प्रजाति के नीचले इलाके में बोयी जाने वाली गन्ने को लगाया गया था लेकिन इस बाढ़ और जलजमाव से गन्ना सूख रहा है, बढ़वार रूक गया है तो गन्ना सूख रहा है। जिससे सब कुछ बर्बाद हो गया। खेती कर मुनाफा कमा घर गृहस्ती चलाने, बच्चों की पढाई, बिटिया की शादी, बीमारी व बैंको से केसीसी लेकर गन्ना बेचकर चुकता करने का आस पाले गन्ना किसानों के अरमान अब खेतों में सूख रहें हैं। किसान भगवान दो बर्षों से बर्बाद होती फसलों की वजह से कर्ज में डूबा जा रहा है। इस सम्वंध में जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल का कहना है कि जनपदीय बैठक में गन्ना किसानों के सूखती फसल को लेकर जनप्रतिनिधियों की बैठक में गन्ना, आम, लीची को फसल वीमा से कवर करने के लिए 17 मार्च 21को पत्र भेजा गया है। फसल बीमा लागू हो जाने के बाद किसानों को लाभ मिलेगा।
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