कुशीनगर। रोडवेज का पडरौना बस स्टेशन उच्चीकृत तो न हो सका, यात्री सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। इसका अंदाजा बस इस बात से लगाया जा सकता है कि चिलचिलाती धूप में यात्रियों के लिए यहां पेयजल तक की सुविधा नहीं है, अन्य सुविधाओं का तो पता ही नहीं है। परिसर में बदहाली का बसेरा है। मतलब, आप यहां से यात्रा करिए तो किराया पूरा दीजिए, लेकिन सुविधाओं की बात मत पूछिए।
रोडवेज परिसर से प्रतिदिन दिल्ली, कानपुर लखनऊ आदि बड़े शहरों के लिए बसें चलती हैं। लगभग चार हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन यहां से चलने वाली 250 बसों की सेवा लेते हैं। सोमवार को रोडवेज परिसर के दोनों प्रवेश द्वार पर यात्री बसों के इंतजार में थे और बगल में गंदगी फैली हुई थी। एक कदम आगे बढ़ते ही परिसर की बदहाली खुद चीखकर बताने लगती है कि यहां सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। कर्मचारियों के काउंटर बंद थे। उसके पीछे पेयजल व्यवस्था के लिए लगे इंडिया मार्क हैंड पंप खराब पड़े थे। यात्रियों के लिए बने इज्जत घर में भी गंदगी की भरमार थी। परिसर की इंटरलाकिग धंस गई है और गड्ढा बन गया है। धूप से बचाव के लिए परिसर में यात्री शेड तक नहीं है। यात्रियों को धूप में ही खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ता है। प्रकाश व्यवस्था की स्थिति यह है कि रात में यहां अंधकार का बसेरा होता है। बरसात में यह परिसर पूरी तरह से जलभराव का शिकार हो जाता है।
कुशीनगर । वर्दी को लेकर आमजन के मन में अक्सर नकारात्मक धारणाएं बन जाती…
कुशीनगर। अंधेरी रात… ठंडी हवा… बिहार बॉर्डर के पास बांसी चौकी क्षेत्र में एक…
कुशीनगर। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार की सक्रियता और संवेदनशील नेतृत्व का असर एक…
खड्डा, कुशीनगर। खड्डा पुलिस ने चोरी की एक बाइक के साथ दो अभियुक्तों को…