पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अब यूपी पुलिस विभाग के सिपाही और हेड कांस्टेबल के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है. दरअसल, डीजीपी की मेरठ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान भारी मात्रा में लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के लिए जांच और छोटे मुकदमों में सबूत जुटाने का काम कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल को सौंपा जाएगा. इससे दरोगा के ऊपर से भी काम का बोझ थोड़ा हल्का होगा. यह निर्णय लंबित मामलों के जल्द निस्तारण के लिए लिया जा रहा है। डीजीपी ने इसको लेकर हरी झंडी दे दी है।
डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि बीट कांस्टेबल और हेड कांस्टेबल अपने इलाके की स्थिति से वाकिफ हैं और वहां क्या हो रहा है, सब जानते हैं। चूंकि शिकायतों का लगातार दबाव बढ़ता रहता है और इनके निस्तारण में ज्यादा समय लगता है, इसलिए सिपाही और हेड कांस्टेबल को भी जिम्मेदारी देनी चाहिए।
इस तरह से शिकायतों पर पीड़ित को तुरंत रिस्पांस मिलेगा और समाधान भी होगा। साथ ही बीट कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल ही कोई बड़ा विवाद हुआ तो इसके लिए जिम्मेदार भी होंगे। व्यवस्था को जल्द ही शुरू किया जाएगा।
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