पडरौना/कुशीनगर।रविवार को नगर के उदित नारायण स्नात्तकोत्तर महाविद्याल में विमर्श साहित्यिक संस्था की 47 वीं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक कुशीनगर रजनीकांत मणि त्रिपाठी एवं विशिष्ट अथिति पडरौना के नपाध्यक्ष विनय जायसवाल, यूएनपीजी कालेज के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ0 रामनरेश दुबे,शिक्षक एवं पत्रकार ओमप्रकाश द्विवेदी रहे। विमर्श साहित्यिक संस्था की मासिक काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता उप्र हिंदी संस्थान से डॉ0 रामबिलाश शर्मा सर्जना सम्मान से सम्मानित डॉ0 प्रेमचंद सिंह और सफल संचालन आर0 के0 भट्ट ‘बावरा’ ने किया।
उक्त मासिक काव्य गोष्ठी की शुरुआत माँ सरस्वती के चित्र पर मुख्य अतिथि श्री त्रिपाठी एवं अन्य अतिथियों द्वारा पुष्पार्जन एवं माल्यार्पण कर किया गया।
गोष्ठी की शुरुआत कवियित्री माया शर्मा सरस्वती बंदना गाकर किया। सरस्वती बंदना के उपरांत जनपद के नामचीन कवियों में शुमार आकाश महेशपुरी ने अपनी कविता “नशे में डूबकर मैं भी बहकती शाम हो जाता,तुझे इग्नोर न करता तो मैं बदनाम हो जाता!” के माध्यम से गोष्ठी का शानदार आगाज किया।
उनकी कविताओं पर श्रोताओं ने खूब बाहबाही लूटी।
सुजीत पाण्डेय अपनी बीर रस की कविताओं के लिए जाने जाते हैं और उसी के अनुरूप उन्होंने अपनी कविता “मांगती है मातृ भूमि,शीश अपना दान कर दो! मृत्यु को शैय्या बना लो,देश हित में बलिदान कर दो!!” सुनाकर सबको भाव बिभोर कर दिया।
कवियों की कविताओं को सुनकर पूर्व विधायक ने कभी तालियां बजाई तो कभी कभी भावुक नज़र आये।
विमर्श के सचिव जय कृष्ण शुक्ल ने अपनी कविता के माध्यम से देश की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष किया। विमर्श के अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध कवि आर0 के0 भट्ट ‘बावरा’ ने अपनी रचना ‘हम हाथ जोड़ लेहनी तहसे,एगो हमरा प एहसान क र,मति हमरा के परिशान क र…..सुनाई जिसपर श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई।
जनपद के मशहूर शायर असलम निज़ामी ने अपने शेर “फिर राजनीती लाएगी मौसम नये-नये, फिर हममें बाँट देंगे हमको ये परचम नये-नये…. सुनाकर शमा बांध दी।
गोष्ठी में अपने सम्बोधन में पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने कहा कि कवि अपनी रचनाओं में वर्तमान परिवेश का समावेश करने का प्रयास करें। कवि समाज की दिशा और दशा को तय करने का कार्य करता है। रचनाकार को चाहिए कि वे देश की संस्कृति,राष्ट्रवाद,देशहित, जनहित को ध्यान में रखकर अपनी रचनाएं करें।
पूर्व विधायक ने इस दौरान अपनी कविता “जब कोई गीत लिखता हूँ,तो तुम सामने होती हो…” पढ़कर श्रोताओं का दिल जीत लिया।
काव्य गोष्ठी में संगीत सुभाष, मदन मोहन पाण्डेय,बलराम राय,राघव शरण मिश्र, मधुसूदन पाण्डेय,नुरुद्दीन ‘नूर’, अशोक शर्मा,रामनरेश मिश्र, अवध किशोर ‘अवधु’,अरमान मंसूरी,दीपक मिश्र ‘बागी’, आदि रचनाकारों ने अपनी अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं का खूब मनोरंजन किया।
अपने सम्बोधन में माया शर्मा ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मेरी लिखी पहली पुस्तक का विमोचन मेरे गुरुदेव के हाथों हो रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सभी का बहुत बहुत धन्यवाद।
गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ कवि एवं शिक्षक डॉ0 राम नरेश दुबे ने कहा कि किसी भी कविता की मौलिकता को जाँचना आसान नहीं है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रेमचंद्र सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि मेरी शिष्या अब रचनाकार बन गई है। इस बात की मुझे अपार ख़ुशी है। श्रीमती शर्मा ने महानता की ओर कदम बढ़ाया है। इसके लिए वो बधाई की पात्र हैं।
इस अवसर पर,ज्ञानवर्धन गोविन्द राव,डॉ0 संजय कुमार सिंह,शैलेश कुमार उपाध्याय, आफ़ताब आलम,आदित्य कुमार दीक्षित,सचिन्द्र दीक्षित, विनय शर्मा,मंजुला शर्मा,ओम प्रकाश शर्मा,कल्पनाथ शर्मा, श्रीकांत कुशवाहा,आदि उपस्थित रहे।
कुशीनगर । वर्दी को लेकर आमजन के मन में अक्सर नकारात्मक धारणाएं बन जाती…
कुशीनगर। अंधेरी रात… ठंडी हवा… बिहार बॉर्डर के पास बांसी चौकी क्षेत्र में एक…
कुशीनगर। पुलिस अधीक्षक कुशीनगर केशव कुमार की सक्रियता और संवेदनशील नेतृत्व का असर एक…
खड्डा, कुशीनगर। खड्डा पुलिस ने चोरी की एक बाइक के साथ दो अभियुक्तों को…