सूकरौली। कई जगहों पर आई फ्लू का कहर लगातार जारी है. आंखों की इस परेशानी की चपेट में लाखों लोग आ चुके हैं. आई फ्लू एक वायरल इंफेक्शन होता है, जो आंखों को संक्रमित कर देता है. डॉक्टर्स की भाषा में इसे कंजक्टिवाइटिस कहा जाता है. आमतौर पर यह वायरस या बैक्टीरिया की वजह से होता है. हालांकि इन दिनों जो फ्लू लोगों को अपना शिकार बना रहा है, वह वायरल इंफेक्शन है. इसकी चपेट में आने पर लोगों की आंखें लाल हो जाती हैं और आंखों से फ्लूड निकलने लगता है. आंखों में सूजन आने लगती है और इरिटेशन भी होने लगती है. कई बार लाइट में जाने पर सेंसिटिविटी महसूस होती है और आंखें खोलना भी दुश्वार हो जाता है. अब सवाल उठता है कि आई फ्लू का सटीक इलाज क्या है. इसके लिए कौन सी दवाएं लेनी चाहिए और कौन से आई ड्रॉप्स इस परेशानी से छुटकारा दिला सकते हैं.
इन सभी सवालों को ध्यान में रखते हुए न्यूज अड्डा ने डॉ अर्चना तिवारी से बात की जो एक नेत्र चिकित्सक है. उन्होंने ने बताया की, इस समय आई फ्लू का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू) आंख की बाहरी पारदर्शी परत की सूजन एंव जलन है। यह सूजन आंख के सफेद भाग को ढक लेती है। मौसम में नमी और बारिश के कारण वायरस, बैक्टीरिया और फंगस जैसे जीवों का पनपना आसान हो जाता है। हवा के कारण यह समस्या अन्य लोगों तक फैल जाती है। कई मामलों में केवल एलर्जी की प्रतिक्रिया होती है जिसमें आंखों से पानी निकलना और लालिमा और खुजली होती है। इसके लिए बस एक एंटी-एलर्जी और ठंडी पट्टी की आवश्यकता होती है। वायरल संक्रमण आमतौर पर कम से कम एक सप्ताह में अपने आप ठीक हो जाता है। यदि कोई जीवाणु संक्रमण है और आंख के आसपास सूजन है, तो आपको नजदीकी आई चिकित्सक से सलाह लेकर ही दवा या ड्राप का इस्तेमाल करनी चाहिए।
संक्रमण से बचने के लिए आंखों और हाथ की स्वच्छता का विशेष ख्याल रखनी चाहिए। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क से बचें, संक्रमित व्यक्ति का रूमाल और मोबाइल फोन सामान्य लोगों से दूर रखें। भीड़भाड़ वाले वातावरण और संक्रमित व्यक्तियों के निकट संपर्क के कारण यह वायरस तेजी से फैल सकता है, इसलिए बचाव के तरीकों का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। इस बीमारी का निदान करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले आंखों की जांच करते हैं।
इसके जरिए यह पता लगाया जाता है कि जो लक्षण आप देख रहे हैं वह आई फ्लू के कारण हैं या आंखों से जुड़ी कोई अन्य समस्या है। अगर आपमें आई फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो इस बारे में किसी विशेषज्ञ से संपर्क करें और इलाज कराएं। अपने आप दवाइयों या आई ड्रॉप का प्रयोग न करें, इससे खतरा बढ़ सकता है।
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