रामकोला/कुशीनगर । प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रामकोला सेवा केंद्र में मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती मम्मा का 58 वां पुण्य स्मृति दिवस शनिवार को पूरी श्रद्धा व भक्ति के साथ मनाया गया। साधकों ने पूर्ण आस्था और विश्वास के साथ मातेश्वरी के तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा अतिथियों को तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
सेवा केन्द्र की संचालिका सुनीता दीदी ने कहा कि मातेश्वरी जगदम्बा दिव्यता, त्याग ,समर्पण और शक्ति व सेवा की प्रतिमूर्ति थी। वह एक अद्वितीय महान विभूति थी। उनका नाम ऊं राधे था। बाल्यकाल से ही वह भगवान श्री कृष्ण के परम भक्त थी। उन पर मां सरस्वती की भी अपार कृपा थी। पढ़ाई के साथ- साथ वीणा वादन में निपुण थी। 18 वर्ष के अल्पायु में अपना जीवन प्रभु की सेवा में समर्पित कर दिया। ईश्वरीय विश्व विद्यालय के स्थापना काल से ही संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा के साथ यज्ञ माता का दायित्व निभाया।उन्होंने कहा कि मातेश्वरी जी के वात्सल्य और मातृत्व पालना के कारण सभी ब्रह्मवत्स उन्हें मम्मा कहकर पुकारते थे।उन्होंने कभी आलस्य को जीवन में स्थान नहीं दिया।
इस मौके पर बीके मुन्ना भाई,फैक्टरी मैनेजर मानवेंद्र राय, प्रोडक्शन हेड विजय प्रताप सिंह बैैकुंठ शाही,आशीष सिंह, रजनीश, डॉ रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह, लल्लन रावत ,गोपाल भाई, राजेंद्र श्रीवास्तव एवम कार्यकम में उपस्थित पत्रकार रामबिहारी राव ,मुन्ना सिंह,मोहन राव सहित सेवा केन्द्र से जुड़े सैकड़ो अनुयायी मौजूद रहे।
रामकोला, कुशीनगर । सहकारी गन्ना विकास समिति लि०- रामकोला पंजाब के परिसर में उत्तर…
रामकोला, कुशीनगर । स्थानीय खिलाड़ियों ने मंगलवार को खेल मैदान और सामाग्री की मांग…
तमकुहीराज / कुशीनगर। शारीरिक शक्ति, अनुशासन और भारतीय संस्कृति की गौरवशाली विरासत के प्रतीक…
कुशीनगर। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक…