रामकोला/कुुुशीनगर। बुधवार को मौसम का मिजाज बदलते और गुरूवार को भोर से ही लगातार शुरू हुई बारिश की वजह से किसानों के मुरझाये चेहरे पर खुशी लौट आयी है और रौनक दिखाई देने लगी है। रिमझिम बारिश से खेतों में पानी लग गया है और किसानों को सिंचाई करने की समस्या से छुटकारा भी मिल गया है।
संसाधनों तथा पूँजी के अभाव की वजह से फसलों को बचाने की एक विकट समस्या चुनौती के रूप में किसानों के समक्ष उत्पन्न हो चुकी थी। किसान अपनी खेतों में लगी फसल को बचाने की जुगाड़ में लगे हुए थे कि बुधवार को शुरू हुई बारिश के कारण मरने के कगार पर पहुंचे फसलों को जीवन और खेतों को पानी नसीब हो गया है। प्रकृति की मेहरबानी से किसानों की मेहनत और लागत बच गई।अब फिर खेती को लेकर किसानों के अंदर उत्साह दिखाई देने लगा है।रिमझिम बारिश की वजह से गर्मी से भी लोग राहत महसूस करने लगे है।
डा0ए0यस0 मिश्र, गोपाल राव, अभय सिंह उर्फ डब्लू, सुरेन्द्र सिंह, सत्यवंत गोविन्द राव, ध्रुवनारायण शर्मा,राजू प्रसाद आदि किसानों ने बताया कि अगर बारिश आने में कुछ और विलम्ब होती है तो फसलें पूरी तरह बर्बाद हो जाती।वैसे ही फसलों में उत्पादन के बराबर लागत लग चुका है। गत तीन वर्षों से क्षेत्र का किसान जलजमाव के कारण फसलों की बर्बादी की समस्या से जूझ रहा है।इस वर्ष अच्छी फसल होने की उम्मीद है।जो प्रकृति पर निर्भर है।
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