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स्त्री कभी साधारण नही होती – पंडित राधेश्याम शास्त्री

अनिल पाण्डेय

Reported By:

Feb 13, 2025  |  8:14 PM

247 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
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बोदरवार, कुशीनगर :- स्त्री को कभी भी साधारण समझने की भूल नहीं करनी चाहिए I महाभारत में कौरवों ने यही काम किया और द्रोपदी को कौरव साधारण समझने की भूल कर बैठे जिसका परिणाम सभी के सामने आ गया I और कौरवों को उसके करनी की सजा मिली I

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ज्ञात हो ? कि 13 फरवरी गुरुवार को विकास खण्ड कप्तानगंज के पकड़ी चौराहे पर श्रीमद्भागत कथा के पहले दिन कथा का रसपान कराते हुए अयोध्या घाम से पधारें हुए कथा वाचक पंडित राधेश्याम शास्त्री जी ने महाभारत कथा का वर्णन करते हुए कहा कि एक छोटा सा मजाक और व्यंग तथा आहत करने वाली कठोर वचनों के कारण ही महाभारत की शुरुआत हुई थी I द्रौपदी का व्यंगात्मक वचन “अंधे का पुत्र अंधा ही होगा” यह बात दुर्योधन के मन में तीर की तरह चूभ गया I और अपमानित होकर दुर्योधन ने द्रौपदी से इस बात का बदला लेने के लिए द्रोपदी को अपमानित करने का कोई कोर कसर नही छोड़ी I आगे इन्होंने कहा कि द्रोपदी कोई साधारण स्त्री नहीं थी I इसके बराबर संसार में दूसरी कोई स्त्री नहीं है I वैसे तो कोई भी स्त्री साधारण नही होती है I सती सावित्री हुई या रावण की पुत्रवधु सुलोचना माता कैकेई की वीरता हो या सीता का सत्य तथा शकुंतला का सौंदर्य या गार्गी का तर्क संसार में जब भी कोई कहानी ने जन्म लिया है तो उसमें मुख्य भूमिका में स्त्री शामिल रही है I संसार की सृष्टि से लेकर संघार तक का कार्य स्त्री द्वारा ही हुआ है I इसलिए कभी भी स्त्री को साधारण समझने की भूल करते हुए कभी भी उसे कष्ट देने का कार्य नही करना चाहिए I

कौरव और पांडव का महाभारत युद्ध द्रौपदी के जरिए ही हुआ है I उस युग की और सारे युगों की सुंदरतम स्त्री द्रोपदी है I दुर्योधन ने दुशासन के द्वारा द्रोपदी को भरी सभा में नग्न करने का कुत्सित प्रयास किया था I उस समय द्रौपदी के पुकार पर श्रीकृष्ण उसकी साड़ी को बढ़ाते हुए चले गए । लेकिन मतलब सिर्फ इतना है कि जिसके पास अपना संकल्प होता है उसे परमात्मा के कृपा से संसार का सारा संसाधन तत्काल उपलब्ध हो जाता है I दुर्योधन के कहने पर दुशासन ने जो चाहा वह नही हुआ I दुशासन को केवल कर्म का अधिकार था उसे फल का अधिकार नहीं मिला था I परंतु द्रौपदी के पास उसका पूरा भरोसा था अपने श्रीकृष्ण पर वह संकल्पित थी I जिसके कारण भगवान को उसकी पुकार सुननी पड़ी I

इस दौरान प्रधान प्रतिनिधि आनन्द सिंह, सपा नेता कैलाश चंद, ओमप्रकाश सिंह, आशुतोष सिंह, शिब्बन लाल, बृजेश सैनी, अमर सिंह, राजनाथ गिरि, रामनरेश, राजू मद्धेशिया, अक्षयबर गुप्ता, रमाशंकर आदि श्रद्धालुओं सहित ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं I

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