कुशीनगर। जनपद की सेवरही पुलिस ने महिला यात्रियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर महिला गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर चोरी की घटना का खुलासा करते हुए दो महिला अभियुक्ताओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए जेवरात और नकदी बरामद कर ली। दोनों महिलाएं ई-रिक्शा में सफर के दौरान यात्रियों के बैग से गहने और कीमती सामान चोरी करने में माहिर बताई जा रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 मई को तमकुहीराज थाना क्षेत्र के ग्राम गाजीपुर निवासी ऊषा देवी पत्नी अरविंद कुशवाहा अपनी रिश्तेदारी से सेवरही कस्बे से वापस घर लौट रही थीं। वह ई-रिक्शा पर सवार होकर तमकुही रोड रेलवे स्टेशन के सामने पहुंची थीं कि रास्ते में दो महिलाएं भी उसी रिक्शा पर सवार हो गईं। सफर के दौरान दोनों महिलाओं ने बड़ी सफाई से ऊषा देवी के बैग में रखे जेवरात निकाल लिए और बीच रास्ते में उतरकर फरार हो गईं।
कुछ देर बाद जब ऊषा देवी को अपने गहने गायब होने की जानकारी हुई तो उन्होंने तत्काल सेवरही थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
घटना के खुलासे की जिम्मेदारी संभालते हुए कस्बा चौकी प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने मुखबिरों का जाल बिछाया और संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। इसी क्रम में शनिवार को बनारहा मोड़ के पास वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम की नजर दो संदिग्ध महिलाओं पर पड़ी। इनमें से एक महिला पूर्व में भी चोरी के मामले में जेल जा चुकी थी, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। महिला आरक्षियों की सहायता से तलाशी लेने पर दोनों महिलाओं के पास से पीड़िता के चोरी हुए जेवर और नकदी बरामद हो गई। गिरफ्तार महिलाओं की पहचान शोभा देवी पत्नी राहुल मांझी (37 वर्ष), निवासी बखरा, थाना सरैया, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) तथा मचिया देवी पत्नी सुजीत मांझी (38 वर्ष), निवासी मरवन, थाना करजा, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई। पुलिस ने उनके कब्जे से एक जोड़ी पायल (सफेद धातु), एक जोड़ी झुमका (पीली धातु) तथा 220 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर दोनों महिलाओं के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर सक्रिय है गिरोह
मामले का खुलासा करते हुए चौकी प्रभारी अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्ता शोभा देवी को लगभग चार माह पूर्व भी चोरी के एक मामले में जेल भेजा गया था। उन्होंने बताया कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसके सदस्य बिहार से आकर रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और भीड़भाड़ वाले स्थानों को अपना ठिकाना बनाते हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह की महिलाएं अक्सर अपने साथ एक बच्चा भी रखती हैं ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। सफर कर रही महिलाओं और यात्रियों को निशाना बनाकर ये बड़ी सफाई से उनके बैग और सामान से जेवरात व नकदी पार कर देती हैं। घटना को अंजाम देने के बाद ट्रेन या अन्य साधनों से दूसरे स्थान पर पहुंच जाती हैं।
पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
इस सफल कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह, उप निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा (चौकी प्रभारी कस्बा सेवरही), उप निरीक्षक मिथिलेश प्रजापति, आरक्षी शिवेश मिश्रा, प्रशिक्षु महिला आरक्षी सुषमा एवं प्रशिक्षु महिला आरक्षी पूजा यादव की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से पीड़िता को उसका चोरी हुआ सामान वापस मिल सका तथा शातिर महिला चोरों का पर्दाफाश हो गया।
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