गोरखपुर। रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करने वाले दो शातिर आरोपियों को जीआरपी प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग मुकदमों से संबंधित दो चोरी के एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी कीमत करीब 40 से 44 हजार रुपये बताई गई है।पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल बेचने के इरादे से गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, जहां मुखबिर की सूचना पर उन्हें स्टेशन के 6-ए गेट के पास से दबोच लिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रेलवे गोरखपुर अनुभाग लक्ष्मी निवास मिश्र (आईपीएस) और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे अशोक कुमार सिंह (पीपीएस) के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक जीआरपी गोरखपुर अनुज कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल (23) और गोलू (25), निवासी डोमखाना सूरजकुंड, थाना तिवारीपुर, गोरखपुर के रूप में हुई है। दोनों के कब्जे से बरामद मोबाइल में एक मोबाइल मु0अ0सं0 122/2026 धारा 305(सी) बीएनएस तथा दूसरा मोबाइल मु0अ0सं0 139/2026 धारा 305 बीएनएस से संबंधित बताया गया है। बरामदगी के आधार पर दोनों मुकदमों में धारा 317(2) और 317(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है।
पुलिस की पूछताछ में राहुल ने बताया कि उसने जुलाई माह में कामाख्या जाने वाली ट्रेन में एक महिला का मोबाइल चोरी किया था और इसके बाद कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर उतर गया था। वहीं गोलू ने पूछताछ में बताया कि उसने जुलाई में बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में एक यात्री का मोबाइल चोरी किया था। दोनों के अनुसार चोरी किए गए मोबाइल को बेचने के उद्देश्य से वे गोरखपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही जीआरपी टीम ने उन्हें पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे वर्ष 2018 से अपराधों में संलिप्त हैं और गोरखपुर रेलवे स्टेशन तथा गोरखनाथ थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाएं करते रहे हैं। चोरी का सामान राह चलते लोगों को बेचकर मिलने वाले पैसों से अपना खर्च चलाने की बात भी पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बताई है।
राहुल पर 15 और गोलू पर चार मुकदमे दर्ज
पुलिस के मुताबिक राहुल का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके विरुद्ध जीआरपी गोरखपुर, गोरखनाथ, तिवारीपुर, कोतवाली और गुलरिहा थानों में चोरी, माल बरामदगी, गैंगस्टर एक्ट, आबकारी अधिनियम और आयुध अधिनियम समेत 15 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गोलू के विरुद्ध जीआरपी गोरखपुर और गोरखनाथ थाने में चोरी, लूट के प्रयास, माल बरामदगी तथा आयुध अधिनियम से संबंधित चार मुकदमे दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है।
यहां बताना लाजमी होगा कि प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह द्वारा बुनी गई जाल में दोनों अपने को फंसने से रोक नहीं पाए। इन्हीं के अगुवाई में उपनिरीक्षक नितेश कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल आशुतोष मिश्रा, बब्लू कश्यप, नीरज शर्मा तथा कांस्टेबल सुधीर यादव की टीम ने इस सराहनीय कार्य का अमली जामा पहनाया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया।
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