हाटा/कुशीनगर। भक्तों के पापों का हरण कर लेने वाला ही ईश्वर है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने का लाभ तभी है जब हम इसे अपने जीवन में उतारे और उसी के अनुरूप कार्य करे। परिस्थिति क्यों न आ जाय मनुष्य को अपना धर्म और संस्कार नही छोड़ना चाहिए। ऐसे ही मनुष्य जीवन के रहस्य को समझ सकते है।
उक्त बातें स्थानीय विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम सभा मुहम्मदा जमीन सिकटिया के बारीटोला पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन मंगलवार को आचार्य पं हरेन्द्र पाण्डेय ने कहा।
आगे कहा कि भगवान के चरणों मे प्रगाढ़ प्रिति है, वही जीवन धन्य है। ईश्वर ने विभिन्न लिलाओ के माध्यम से जो आदर्श प्रस्तुत किया उसे हर ब्यक्ति को ग्रहण करना चाहिए ऐसा करने से जीवन मूल्यो के बारे मे जानकारी मिलने के साथ साथ अपने कर्तव्य को भी समझा जा सकता है। इस दौरान उन्होंने परीक्षित मोक्ष की कथा सुनाई । इसके साथ ही कथा से मिलने वाले पुण्य फल के विषय मे अपनी बात रखी। राजा परीक्षित को कथा के सातवें दिन ही मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।
इस दौरान पौहारी शरण मिश्र, हरियोम द्विवेदी, बृजभूषण मिश्र उर्फ पप्पू बाबा, आद्या मिश्र, गौतम मुनि तिवारी, महानारायण मिश्र, गायत्री देवी, विमला देवी,मंजू देवी, मीना देवी, रामाश्रय तिवारी, सुन्दरी देवी, सुदर्शन मिश्र सहित आदि मौजूद रहे।
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