कोरोना के फैलते संक्रमण के बीच उत्तरप्रदेश के संत कबीर नगर जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। संत कबीर नगर में एक व्यक्ति की मौत होने के बाद उसके तीनों बेटों ने कोरोना संक्रमण के डर से लाश के पास जाने से मना कर दिया। इतना ही नहीं तीनों बेटों ने रिश्ते को तार तार करते हुए अपने पिता के शव का दाह संस्कार करने की बजाए जेसीबी की मदद से उसे गड्ढे में दफना दिया। कलयुगी बेटों की करतूत का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग थू थू कर रहे हैं।
दरअसल उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले के बेलहर थाना क्षेत्र के रहने वाले 60 वर्षीय राम ललित की तबीयत काफी दिनों से खराब थी। उसके तीन बेटे थे। बेटों ने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल भर्ती कराया था। बाद में डॉक्टरों ने बुजुर्ग के कोरोना संक्रमित होने की बात कही। पिता के कोरोना संक्रमित होने की जानकारी मिलते ही तीनों बेटे अपने बुजुर्ग पिता को अच्छे डॉक्टर से इलाज करवाने के बजाए घर ले आए। घर लाने के थोड़े दिनों के बाद ही राम ललित की मौत हो गई।
बुजुर्ग पिता की मौत होने के बाद तीनों बेटों ने संवेदनहीनता का जो परिचय दिया उसे देखकर और सुनकर कोई भी हैरान हो जाए। पिता की मौत होने के बाद बेटों ने अपने पिता के शव को छूने की भी हिम्मत नहीं की। इतना ही जब गांव के कुछ लोगों ने आगे आकर अंतिम संस्कार करने की बात कही तो बेटों ने उससे भी मना कर दिया। फिर उसके बाद बेटों ने जेसीबी बुलाकर एक गड्ढा खुदवाया और जेसीबी पर ही अपने पिता के शव को रखकर गड्ढे में दफना दिया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गांव के प्रधान त्रियोगानंद गौतम ने कहा कि गांव के एक 60 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति की एक सप्ताह पहले मृत्यु हो गई। हमने रीति-रिवाज और परंपरा के साथ शव का अंतिम संस्कार करने में मदद की पेशकश की लेकिन तीनों बेटों ने इनकार कर दिया और उन्होंने जेसीबी मशीन की मदद से शव को दफना दिया। इतना ही नहीं अंतिम संस्कार के दौरान किसी भी परंपरा का पालन नहीं किया गया।
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