हाटा/कुशीनगर। साहित्यिक,सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था “संदेश” की नियमित मासिक कवि गोष्ठी(३०१वीं) श्रीनाथ सं. महाविद्यालय के सभागार में जनाब लियाकत अली ‘जौहर’ की अध्यक्षता में हुई। गोष्ठी की मुख्य अतिथि ख्यात कथावाचिका विनी किशोरी (मध्यप्रदेश) तथा विशिष्ट अतिथि डा. अर्शी बस्तवी एवं मधुसूदन पाण्डेय जी रहे, संचालन कृष्णा श्रीवास्तव ने किया। मुख्य अतिथि किशोरी जी को शाल,श्रीरामचरितमानस तथा श्रीफल प्रदान कर संस्था के सदस्यों ने सम्मानित किया।
माँ शारदे की वंदना के बंदना के बाद युवा कवि परमानंद मिश्र ने-
इश्क का तुम हिसाब मत देना।
इस फरवरी गुलाब मत देना।।
पढ़कर गोष्ठी का जबरदस्त आगाज़ किया।
विकास चौरसिया का गीत सराहनीय रहा-,उस्ताद शायर मोहतरम अब्दुल हमीद “आरज़ू” की गज़लगोई
“आपकी याद सताए तो गजल कहता हूँ।
नींद आँखों में न आए तो गज़ल कहता हूँ”
ने महफ़िल में चार चाँद लगा दिए।
शैलेन्द्र ‘असीम’ ने …
“जीवन के दुख दर्द अमंगल सबसे प्रीत निभाऊँ रे।
मै कविता का औघड़ साधु धूनी अलख जगाऊँ रे।।
पढ़कर अभूतपूर्व और सामयिक प्रस्तुति दी।
एड.कृष्ण कुमार श्रीवास्तव की गजल प्रशंसनीय रही…
मंच का व्याकरण है ये कहता सदा,
काव्य वाचन करो मित्र उल्लास से।।
संस्था के अध्यक्ष त्रिलोकी त्रिपाठी ‘चंचरीक’ ,अनूप पाण्डेय (परसा-बिहार), पूजा पाण्डेय, रमेश साव,विनोद पाण्डेय, शिव कुशवाहा, आदित्य तिवारी, तन्वी पाण्डेय,पंकज मणि,प्रभाकर मणि, बलराम राय,मोहन पाण्डेय, रामानुज द्विवेदी,गोमल यादव ने गोष्ठी को ऊँचाई प्रदान की।
गोष्ठी के अंत में भारत रत्न लता मंगेशकर, महाभारत के भीम-प्रवीण कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।
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