कसया, कुशीनगर । भारत की कयुनिस्ट पार्टी (माकपा) द्वारा तहसील परिसर कसया में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने इस दिवस पर सार्वजनिक अवकाश की मांग सरकार से की।
पार्टी के जिला सचिव अयोध्या लाल श्रीवास्तव ने मजदूर दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का दिन मजदूर वर्ग के लिए सबसे बड़ी जीत के रूप में माना जाता है। 1 मई 1986 पहले पूरी दुनिया में मजदूरों से 16 – 16 घण्टे काम लिया जाता था। जिससे उनके सोने या अन्य काम के लिए समय नहीं मिल पाता था। नींद , थकान की वजह से उन्हें कारखानों में अपनी जान गंवानी पड़ती थी। मालिकों के इस अमानवीय व्यवहार के कारण मजदूरों में गुस्सा भड़कने लगा और मजदूर आठ घण्टे काम का नारा दिया। सबसे पहले अमेरिका के शिकागो शहर के हे मार्केट में मजदूरों की विशाल सभा पर मालिकों के इशारे पर पुलिस ने अंधाधुंध गोलियां चलाई। जिससे सात मजदूर शाहीद हुए। यह बात पूरी दुनिया मे फैल गयी और पूरी दुनिया के मजदूर एक हो आंदोलन के लिए उतर गए। अंत मे एक मई 1886 को मजदूरों को आठ घण्टे प्रतिदिन काम का अधिकार मिला और साथ ही ग्रेच्युटी, बोनस आदि अधिकार मिले।
वक्ताओं ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि श्रम कानूनों में परिवर्तन कर मजदूर वर्ग व कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं में कटौती की जा रही है। इस दौरान का0 इदरीश, का0 गेंदा सिंह, का0 बेचू प्रसाद, का0 राम बहाल सिंह, का0 कैलाश गिरी, का0 अशोक, का0 रिजवान आलम, का0 राजेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।
कुशीनगर। किसी भी पुलिस अधिकारी के कार्यकाल का सबसे अहम सवाल यही होता है…
कोटवा -घुघली मार्ग पर रायपुर फुलवरिया गांव के सामने बाइकों की आमने-सामने हुई टक्कर…
कुशीनगर। थाना तुर्कपट्टी क्षेत्र में बीते दिनों युवक रोहित खरवार की चाकू से गोदकर…
फाजिलनगर। जिस ऐतिहासिक पाठशाला ने कभी क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाली विभूतियों को प्राथमिक…