पडरौना। स्थानीय ब्लॉक सभागार में बुधवार को डीसी मनरेगा ने ग्राम पंचायतों में मनरेगा से हो रहे कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की। इसमें लापरवाही मिलने पर संबंधित गांवों के सचिवों की वेतन वृद्धि वापस लेने और तकनीकी समीक्षा के दौरान पता चला कि 28 ग्राम पंचायतों में मनरेगा योजना से कोई कार्य नहीं हो रहा है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए संबंधित ग्राम पंचायत में तैनात सचिव की एक वेतन वृद्धि वापस लेने और तकनीकी सहायकों को मूल मानदेय का ही भुगतान किए जाने का निर्देश बीडीओ को दिया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में मनरेगा ही मजदूरों के लिए सबसे सहायक है। इसलिए सभी ग्राम पंचायतों में तत्काल कार्य शुरू कराएं। इस दौरान एपीओ अरविंद कुशवाहा सहित सचिव तकनीकी सहायक और रोजगार सेवक मौजूद रहे ।
मनरेगा में नहीं मिला मजदूरों को काम
कोरोना संकट के बीच पिछले साल जुलाई-अगस्त में बरसात के दौरान भी लाखों श्रमिकों को काम देने वाली मनरेगा योजना इस बार अप्रैल-मई में भी सन्नाटे में है। ग्राम पंचायतों में अधिकांश जगहों पर काम बंद है। इस वजह से मजदूरों के सामने आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। मनरेगा सेल से जुड़े सूत्रों की मानें तो में नौ लाख 30 हजार मजदूरों को काम दिया जाना था, लेकिन अभी तक कुल मिलाकर पांच लाख 13 हजार कार्यदिवस का ही सृजन किया जा सका है। यह कुल लक्ष्य का करीब 55 फीसदी ही है।
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