एचडीएफसी सेक्योरिटीज के अनुसार, सोमवार को सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया और राष्ट्रीय राजधानी में इसका दाम 44 रुपये की मामूली गिरावट के साथ 53,040 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। इस संदर्भ में एचडीएफसी सेक्योरिटीज के वरिष्ठ एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल ने कहा कि, ‘रुपये में उतार-चढ़ाव के साथ दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखा गया।’ चांदी की बात करें, तो यह 206 रुपये घटकर 68,202 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
वैश्विक बाजार में सोना 1,950 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 26.80 डॉलर प्रति औंस पर।
एचडीएफसी सेक्योरिटीज के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बिकवाली दबाव के कारण राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को सोने की कीमत 94 रुपये घटकर 52,990 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। हालांकि, चांदी की कीमत में आज तेजी देखी गई थी। चांदी 782 रुपये बढ़कर 69,262 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 1,938 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर था, जबकि चांदी 27.19 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
कोरोना काल में सोना सबका चहेता बना हुआ है। इसकी कीमतों ने हाल के दिनों में ऊंचाई के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बीते चंद दिनों में जरुर इसके दाम तेजी से नीचे आए हैं लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिवाली तक सोने का भाव नया रिकॉर्ड बनाएगा। जेपी मॉर्गन का कहना है कि आर्थिक मंदी, महामारी और राजनीतिक हालात के मद्देनजर सोना दिवाली तक 70 हजार के स्तर तक पहुंच सकता है।
कोरोना वैक्सीन आने के बाद भी ग्लोबल इकोनॉमी में सुधार में वक्त लगने का अंदेशा जेपी मॉर्गन ने जताया है। ऐसे में सोने की कीमत में तेजी आने की पुख्ता संभावना है। वित्त विषज्ञ डॉक्टर रवि सिंह भी इसे अस्थाई गिरावट करार दे रहे हैं।
इस तेजी के बीच निवेशकों में सोने में खरीदारी का रुझान बढ़ सकता है। लेकिन फिलहाल कम डिमांड और ज्यादा आयात के चलते भारत में सोने की कीमतों पर तगड़ा डिस्काउंट मिल रहा है। सोने खरीदने पर फिलहाल 500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक का डिस्काउंट मिल रहा है। भारत में अभी प्रति औंस यानी हर 28.3 ग्राम सोने पर करीब 20 डॉलर यानी करीब 1500 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है।
भारत में सोने की कीमतों में तीन फीसदी हिस्सा जीएसटी का होता है और 12.5 फीसदी हिस्सा आयात शुल्क का होता है। वायदा बाजार में सात अगस्त को सोना अब तक के अपने उच्चतम स्तर 56 हजार 200 प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया था। इसके बाद इसकी कीमत में करीब 4000 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। सोने की कीमतों में तमाम उतार-चढ़ाव के बावजूद सोना इस साल 25 फीसदी से ज्यादा महंगा हो चुका है। कोरोना काल में सोना सुरक्षित निवेश का ठिकाना बना हुआ है, जिसकी वजह से लोग इसमें खूब निवेश कर रहे हैं। साथ ही डिस्काउंट का फायदा लेने से भी पीछे हीं हट रहे हैं।
सोना हमेशा ही मुसीबत की घड़ी में खूब चमका है। 1979 में कई युद्ध हुए और उस साल सोना करीब 120 फीसदी उछला था। जब ईरान से अमेरिका का तनाव बढ़ा या फिर जब चीन-अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी, तब भी सोने की कीमत बढ़ी। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ईटीएफ में निवेश जुलाई में जून के मुकाबले 86 फीसदी बढ़कर 921 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। अब देखना यह है कि डिस्काउंट के इस मौके का फायदा निवेशक उठाएंगे या फिर इसकी आसमान छूती कीमतों को देखकर वो उससे दूरी बना लेंगे।
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