News Addaa WhatsApp Group

किसान आंदोलन:- सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर लगाई रोक

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Jan 12, 2021  |  2:41 PM

846 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
किसान आंदोलन:- सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानूनों पर लगाई रोक

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है. चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कानूनों पर रोक लगाई, साथ ही एक कमेटी का गठन कर दिया है. जो कि सरकार और किसानों के बीच कानूनों पर जारी विवाद को समझेगी और सर्वोच्च अदालत को रिपोर्ट सौंपेगी.

आज की हॉट खबर- प्रेम प्रसंग के चलते हुई शैलेश शुक्ल की हत्या

केंद्र सरकार ने जिन तीन कृषि कानूनों को पास किया, उसका लंबे वक्त से विरोध हो रहा था. दिल्ली की सीमाओं पर हजारों की संख्या में किसान आंदोलन कर रहे हैं, इसी के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट के पास जा पहुंचा.

कमेटी ही निभाएगी निर्णायक भूमिका

मंगलवार की सुनवाई में किसानों की ओर से पहले कमेटी का विरोध किया गया और कमेटी के सामने ना पेश होने को कहा. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख बरता और कहा कि अगर मामले का हल निकालना है तो कमेटी के सामने पेश होना होगा.

ऐसे में अब कोई भी मुद्दा होगा, तो कमेटी के सामने उठाया जाएगा. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने ये भी साफ किया कि कमेटी कोई मध्यस्थ्ता कराने का काम नहीं करेगी, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाएगी.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा जिस कमेटी का गठन किया गया है, उसमें कुल चार लोग शामिल होंगे, जिनमें भारतीय किसान यूनियन के भूपेंद्र सिंह मान, डॉ. प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि विशेषज्ञ) और अनिल घनवंत शामिल हैं. ये कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी, जबतक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती है तबतक कृषि कानूनों के अमल पर रोक जारी रहेगी.

गौरतलब है कि बीते दिन की सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से अदालत में कृषि कानूनों के अमलीकरण पर रोक लगाने पर आपत्ति जताई गई थी. साथ ही केंद्र ने कहा था कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा, अभी सरकार-किसानों में बातचीत हो रही है. हालांकि, अदालत ने साफ किया था कि लंबे वक्त से कोई नतीजा नहीं निकला है, सरकार का रुख सही नहीं है.

50 दिनों से जारी है किसानों की लड़ाई

दिल्ली की सीमा पर किसानों का हुजूम पिछले 50 दिनों से लगा हुआ है. अलग-अलग बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, डटे हुए हैं. अबतक कई किसानों की मौत भी हो चुकी है, जिनमें से कुछ ठंड से जान गंवा बैठे हैं तो कुछ ने आत्महत्या कर ली.

कृषि कानून की मुश्किलों को दूर करने के लिए सरकार और किसान संगठन कई राउंड की बैठक भी कर चुके थे, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. किसान तीनों कानूनों की वापसी की मांग पर ही अड़े थे, लेकिन सरकार कुछ विषयों पर संशोधन के लिए राजी थी.

संबंधित खबरें
प्रेम प्रसंग के चलते हुई शैलेश शुक्ल की हत्या
प्रेम प्रसंग के चलते हुई शैलेश शुक्ल की हत्या

अश्लील फोटो व वीडियो के वायरल करने की धमकी से युवती रहती थी परेशान…

कुशीनगर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थानों और चौकियों के प्रभारियों के तबादले
कुशीनगर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, कई थानों और चौकियों के प्रभारियों के तबादले

कुशीनगर । जनपद पुलिस महकमे में देर रात्रि बड़ा फेरबदल करते हुए पुलिस अधीक्षक…

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बरवा राजापाकड़ में प्रस्तावित पुलिस चौकी का हुआ भूमि पूजन
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बरवा राजापाकड़ में प्रस्तावित पुलिस चौकी का हुआ भूमि पूजन

कुशीनगर। जिले के तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत बरवा राजापाकड़ में स्थित पुलिस सहायता केंद्र…

कुशीनगर : “भाभी से मच्छरदानी नहीं मिली तो 158 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा युवक, आधी रात गांव में मचा हड़कंप”
कुशीनगर : “भाभी से मच्छरदानी नहीं मिली तो 158 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ा युवक, आधी रात गांव में मचा हड़कंप”

कुशीनगर। जिले के तरयासुजान थाना क्षेत्र में बीती देर रात एक अजीबोगरीब घटना ने…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking