कासगंज में पुलिस पर शराब माफिया के हमले और सिपाही की मौत के बाद चारों तरफ से घिर रहे यूपी के डीजीपी ने अपराधियों को साफ संदेश दिया है। डीजीपी एचसी अवस्थी ने कहा कि शराब माफियाओं के के अब दिन गिने हुए हैं। वे भाग जाएं या जेल में स्थान पाएं।
डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के संगठित माफिया के खिलाफ कई महीनों से अभियान चल रहा है। हमने इनकी 700 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की है। शराब माफियाओं के खिलाफ सैकड़ों मामलों में बरामदगी की है। हमारा उनको साफ संदेश है कि उनके दिन गिने हुए हैं, वे भाग जाएं या जेल में स्थान पाएं।
उ. प्र. के संगठित माफिया के खिलाफ कई महीनों से अभियान चल रहा है। हमने इनकी 700 करोड़ से अधिक की संपत्ति ज़ब्त की है। शराब माफियाओं के खिलाफ सैकड़ो मामलों में हमने बरामदगी की है। हमारा उनको साफ संदेश है कि उनके दिन गिने हुए हैं, वे भाग जाएं या जेल में स्थान पाएं।
डीजीपी ने कहा कि मामले को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। हम पश्चिमी यूपी में शराब माफिया के खिलाफ अभियान चला रहे थे। इसके तहत टीम कार्रवाई करने गई थी। जो ऐसा दुस्साहस कर रहे हैं उनको कानूनी प्रक्रिया के तहत कड़ी सजा दिलाएंगे।
मंगलवार की देर रात हुई वारदात
कासगंज में सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के नगला धीमर गांव में मंगलवार की रात अवैध शराब की सूचना मिलने पर दरोगा अशोक पाल और सिपाही देवेंद्र मौके पर पहुंचे थे। वहां पहुंचे तो देखा कि कच्ची शराब बन रही थी। उन्हें देखते ही शराब माफिया मोती और एलकार ने छह अन्य साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर हमला बोल दिया। उन्हें भाले और डंडों से पीटा। दरोगा को मरा हुआ समझकर काफी दूर तक घसीटकर ले गए। दरोगा-सिपाही को बंधक बना लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। बदमाशों के हमले में सिपाही देवेंद्र की मौत हो गई। दरोगा अशोक पाल गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाश दोनों को मरा हुआ जानकर पिस्टल और कारतूस लूट ले गए। वारदात के बाद पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती समेत आईपीसी की 10 संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है। इसमें मोती और उसके भाई एलकार को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
एक आरोपी वारदात के 12 घंटे के अंदर ढेर
सनसनीखेज वारदात के बाद बुधवार तड़के पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की और मुठभेड़ में शराब माफिया मोती के भाई को ढेर कर दिया। सिढ़पुरा थाना प्रभारी प्रेमपाल सिंह ने बताया कि शराब माफिया और उसके साथियों की तलाश करने में पुलिस जुटी थी। इसी दौरान पुलिस और शराब माफिया के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस को देख माफिया ने गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में शराब माफिया मोती के भाई एलकार सिंह को गोली लगी। एलकार को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
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