कुशीनगर। जिला प्रोबेशन अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है साथ ही कानूनी रूप से दण्डनीय अपराध भी है। समाज के कुछ लोगों द्वारा लड़के की आयु 21 वर्ष एवं लड़की की आयु 18 वर्ष के पूर्व ही विवाह कर दिया जाता है। नाबालिग लड़के और लड़की का विवाह करने पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 के अन्तर्गत 02 वर्ष की सजा अथवा 01 लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान है।
प्रायः अक्षय तृतीया के दिन (10.05.2024) को बाल विवाह होने की सम्भावना अधिक होती है। इस संबन्ध में बाल विवाह की किसी भी घटना की सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्प लाइन-1098, डायल 112 व अपने नजदीकी थाने पर सूचित करें।
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