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डीजे बंद कराने की कार्रवाई पहले होती तो मुकदमे की नौबत नहीं आती : प्रतीक बरनवाल

Ved Prakash Mishra

Reported By:

Sep 13, 2026  |  7:03 PM

184 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
डीजे बंद कराने की कार्रवाई पहले होती तो मुकदमे की नौबत नहीं आती : प्रतीक बरनवाल WhatsApp
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हाटा, कुशीनगर। डोल मेला में डीजे बजाने को लेकर हाटा कोतवाली में कुछ संचालकों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। मुकदमे की कार्रवाई को लेकर विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। संगठन के जिला उपाध्यक्ष प्रतीक बरनवाल ने कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि संगठन मुकदमे में नामजद भगवाधारी युवाओं के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और उनके मुकदमे की पैरवी संगठन की ओर से की जाएगी।

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रविवार को डाक बंगले पर दर्जनों की संख्या में पहुंचे संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुकदमे को लेकर विरोध जताया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि डोल मेला में यदि डीजे बजाने को लेकर आपत्ति थी तो प्रशासन को उसी समय हस्तक्षेप कर उसे बंद कराना चाहिए था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद पीछे से मुकदमा दर्ज किए जाने को लेकर उन्होंने सवाल उठाए।

जिला उपाध्यक्ष प्रतीक बरनवाल ने कहा कि प्रशासन को जो कार्रवाई करनी थी, वह डीजे बजने से पहले की जानी चाहिए थी। बाद में मुकदमा दर्ज होने से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि संगठन किसी भी युवा का भविष्य खराब नहीं होने देगा और न्याय तथा सम्मान की इस लड़ाई में अपने साथियों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा रहेगा।

उन्होंने कहा कि डोल मेले में जिन भी भगवाधारी साथियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उनके मामले में संगठन कानूनी स्तर पर हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मामले में संवेदनशीलता बरतने की मांग करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, लेकिन कार्रवाई का तरीका भी ऐसा होना चाहिए जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित न हो।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि मेले जैसे सार्वजनिक आयोजनों में यदि ध्वनि की सीमा या डीजे को लेकर कोई निर्देश थे तो आयोजकों को मौके पर ही स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि समय रहते कार्रवाई न होने के बाद मुकदमा दर्ज किए जाने से विवाद और गहरा गया है।

डोल मेला प्रकरण अब केवल मुकदमे तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक कार्रवाई के तरीके और युवाओं के भविष्य को लेकर बहस का विषय बनता जा रहा है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह मामले को लेकर आगे भी आवाज उठाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी लड़ाई लड़ेगा।

इस दौरान अरुण सिंह,मिन्टू राव,कौशल मणि,अंकुर राव,सन्नी गुप्ता,चन्दन, प्रिंस सहित दर्जनों संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

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