कसया/कुशीनगर। कहते हैं कि जब कोई व्यक्ति दुर्घटना या घटना का शिकार हो जाता है तो अस्पताल में डाक्टर और भगवान पर ही विश्वास होता है, लेकिन इस पेशे में कुछ स्वार्थियों के आने कारण पेशा प्रभावित हुआ है, जबकि अब भी समाज में ऐसे कई डाक्टर हैं, जो मरीजों की सेवा को ही अपना पहला धर्म मानते हैं।ऐसे ही डॉक्टर है डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी,जब सेवा व ईलाज को प्राथमिकता देने वाले डॉक्टर आपके क्षेत्र में आते है तो लोगो मे खुशी का माहौल हो जाता है।।
डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया का अधीक्षक बनाया गया है।श्री चतुर्वेदी ने गुरुवार को कसया सीएचसी का कार्यभार ग्रहण किया,डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी को अधीक्षक बनाए जाने के बाद क्षेत्रीय लोगो मे खुशी का माहौल है और आम-जनता को अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था मिलने की आशा जगी है,कोरोना महामारी के दौरान डॉ. मार्कण्डेय चतुर्वेदी की ओर से लोगों की सेवा में दिन-रात एक कर सराहनीय कार्य किया था।कोरोना काल में समाज के लिए किए गए उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए दिया गया,इनको कोरोना योद्धा अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है,डॉ श्री चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी प्राथमिकता मरीजों को बेहतर ईलाज व सेवा करना है,बताया कि उनकी सोच रहती है कि हर मरीज की सेवा की जाएं।
उन्होनें कहा कि डॉक्टर को भगवान का रूप समझा जाता है और डॉक्टर को भी चाहिए कि अपने पेशे को समाज सेवा में लगाएं और मेरी कोशिश रहती है कि मरीजों का भरपूर सेवा व बेहतरीन इलाज हो।
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