News Addaa WhatsApp Group Join करें

एसडीएम की फटकार का असर, रातोंरात गिट्टी-छाई से भरे गए सर्विस लेन के गड्ढे

Ved Prakash Mishra

Reported By:

Oct 2, 2026  |  4:19 PM

28 लोगों ने इस खबर को पढ़ा.
एसडीएम की फटकार का असर, रातोंरात गिट्टी-छाई से भरे गए सर्विस लेन के गड्ढे
  • ऑटो पलटने के बाद हरकत में आया महकमा, अब सवाल—निर्माण के दौरान ही क्यों नहीं सुधारी गई सड़क?

हाटा, कुशीनगर। हाटा में एनएचएआई की ओर से कराए जा रहे ओवरब्रिज निर्माण के बीच बदहाल सर्विस लेन का मुद्दा अधिकारियों की सख्ती के बाद गरमा गया है। गुरुवार को निरीक्षण के दौरान सड़क के गड्ढे में ऑटो पलटने की घटना के बाद प्रशासन ने जिम्मेदारों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम आईएएस मयंक त्रिपाठी की फटकार के बाद रात में ही सर्विस लेन के गड्ढों को गिट्टी और छाई डालकर भरने का काम कराया गया।

आपके लिए और..- नारायणी के कहर के बीच चैनपट्टी पहुंचे मंत्री संजय निषाद,...

हालांकि, रातोंरात हुई इस कार्रवाई के बाद अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि जब ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी सर्विस लेन को सुरक्षित और आवागमन के योग्य क्यों नहीं बनाया गया? क्या सड़क की बदहाली दूर करने के लिए किसी हादसे या अधिकारियों के निरीक्षण का इंतजार करना जरूरी था?

दरअसल, हाटा में ओवरब्रिज निर्माण के चलते सर्विस लेन पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए थे। कई स्थानों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा तक नहीं लग पा रहा था। इसी समस्या का जायजा लेने हाटा विधायक मोहन वर्मा मौके पर पहुंचे थे। उनके साथ एसडीएम मयंक त्रिपाठी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार जया सिंह के सामने ही एक ऑटो गड्ढे में जाकर पलट गया। गनीमत रही कि हादसे में किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

घटना के बाद एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी मीनू सिंह को मौके पर बुलाया और संबंधित एनएचएआई अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने जलभराव दूर करने और गड्ढों को दुरुस्त करने के लिए दो दिन की समयसीमा तय की थी। इसके बाद रात में ही गिट्टी और छाई डालकर सड़क के गड्ढों को भरने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

लेकिन क्या गिट्टी और छाई डाल देना ही स्थायी समाधान है? बारिश या वाहनों के लगातार दबाव में यदि सड़क फिर उखड़ गई तो राहगीरों की परेशानी दोबारा बढ़ सकती है। ऐसे में जरूरी है कि सर्विस लेन की मरम्मत केवल खानापूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के साथ सड़क को तकनीकी मानकों के अनुरूप दुरुस्त कराया जाए।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि एनएचएआई और संबंधित एजेंसियां निर्माण कार्य के दौरान ही सर्विस लेन की नियमित निगरानी करें, ताकि लोगों को रोजाना जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े। अब देखना यह है कि प्रशासन के निर्देश के बाद सड़क की समस्या का स्थायी समाधान होता है या रात में की गई मरम्मत के बाद मामला फिर पुराने ढर्रे पर लौट जाता है।

ताज़ा मौसम अपडेट
संबंधित खबरें
मुश्किल की घड़ी में जनता के बीच तमकुहीराज तहसील प्रशाशन, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंच रही राहत
मुश्किल की घड़ी में जनता के बीच तमकुहीराज तहसील प्रशाशन, बाढ़ पीड़ितों तक पहुंच रही राहत

जवही दयाल, रकबा जंगली पट्टी और बांका खास में प्रशासन सक्रिय, भोजन-दूध व केले…

चोरों ने रात में घर किया साफ, नकदी-जेवर समेत 11 लाख की चोरी का आरोप
चोरों ने रात में घर किया साफ, नकदी-जेवर समेत 11 लाख की चोरी का आरोप

1 लाख नकद समेत करीब ₹10 लाख के सोने-चांदी के आभूषण ले गए चोर,…

झाड़ियों में गुम हुई मुख्य सड़क की पटरी, हादसों का बढ़ा खतरा
झाड़ियों में गुम हुई मुख्य सड़क की पटरी, हादसों का बढ़ा खतरा

नरकट और झाड़ियों से संकरी हुई टू-लेन सड़क, संकेतक भी ढके; तेज रफ्तार वाहनों…

Advertisement
News Addaa Logo

© All Rights Reserved by News Addaa 2020

News Addaa Breaking