भारत के महान फर्राटा धावक मिल्खा सिंह का एक महीने तक कोरोना इंफेक्शन से जूझने के बाद शुक्रवार को इंतिकाल हो गया. इससे पहले उनकी पत्नी और भारतीय वॉलीबॉल टीम की पूर्व कप्तान निर्मल कौर ने भी कोरोना इंफेक्शन की वजह से दम तोड़ दिया था .

पद्मश्री मिल्खा सिंह 91 वर्ष के थे. उनके परिवार में उनके बेटे गोल्फर जीव मिल्खा सिंह और तीन बेटियां हैं. उनके परिवार के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘उन्होंने रात 11 . 30 पर आखिरी सांस ली.’

गौरतलब है कि मिल्खा सिंह को कोविड इंफेक्शन के चलते तीन जून को पीजीआईएमईआर के आईसीयू में भर्ती कराया गया था. वे 13 जून तक आईसीयू में भर्ती रहे और इस दौरान उन्होंने कोविड संक्रमण को हरा दिया. 13 जून को कोविड टेस्ट में निगेटिव होने के बाद कोविड संबंधी मुश्किलों के चलते उन्हें फिर से आईसीयू में दाख़िल कराना पड़ा. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी चिकित्सकों की टीम उन्हें बचा नहीं सकी.

पांच दिन पहले मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल मिल्खा सिंह का एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी.

भारत के वज़ीरे आज़म नरेंद्र मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि दी है.

चार बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता मिल्खा ने 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा हासिल किया था. उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हालांकि 1960 के रोम ओलंपिक में था जिसमें वह 400 मीटर फाइनल में चौथे स्थान पर रहे थे. उन्होंने 1956 और 1964 ओलंपिक में भी भारत की नुमाइंदगी की. उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था.