कसया/कुशीनगर। इग्नू ने भारत की शिक्षा की गुणवत्ता में मील का पत्थर स्थापित किया है। नौकरी करने वाले या किसी कारण से संस्थागत शिक्षा न ले पाने वालों के लिए इग्नू वरदान की तरह है। उक्त बातें बुद्धस्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सिद्धार्थ पाण्डेय ने महाविद्यालय के इग्नू अध्ययन केंद्र 27128 के परिचय समारोह में अध्यक्षता करते हुए कही।
प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि परिचय समारोह इग्नू की ऐसी स्वस्थ परम्परा है जिसमें संस्थागत विद्यर्थियों की तरह यहाँ के विद्यार्थी भी आपस में जुड़ सकते हैं और अपनी समस्याओं और जिज्ञासाओं को प्रस्तुत कर सकते हैं।
अध्ययन केंद्र की समन्वयक प्रोफेसर सीमा त्रिपाठी ने इग्नू की विभिन्न गतिविधियों के बारे में बताते हुए इग्नू के लचीलापन और इसकी महत्ता की चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनसूचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए इग्नू के स्नातक कोर्स में बिना फीस के ही प्रवेश होता है।प्रोफेसर रामभूषण मिश्र ने भी सम्बोधित किया। संचालन हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और इग्नू के सह समन्वयक डॉ गौरव तिवारी ने किया। कार्यक्रम में डॉ सत्यप्रकाश, नेबुलाल, तूफानी प्रसाद, सोनू शर्मा, विनीत शुक्ला सहित इग्नू के नव प्रवेशी विद्यर्थियो की उपस्थिति रही।
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