कसया/कुशीनगर। दो दशक तक चर्चित रही मैत्रेय परियोजना के प्रभावितों की पीड़ा सुनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रोकने का निर्देश दिया था। वर्ष 2007 में स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री रहे ब्रह्माशंकर त्रिपाठी की पहल पर लखनऊ पहुंचे किसानों के प्रतिनिधि मंडल से स्व.श्री यादव ने कहा था कि वे किसान के बेटे हैं और किसानों की पीड़ा को समझता हूं।
भूमि बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष गोबर्द्धन प्रसाद गोंड़ और केदार सिंह, बलराम कुशवाहा, रामप्रीत सिंह, जयराम सिंह, अजय कुमार सिंह, बलिकरन यादव, संजय सिंह आदि किसानों ने कहा कि वह किसानों के सच्चे हितैषी थे। उनके निर्देश पर क्षेत्र के सात गांवों की 667.57 एकड़ अधिग्रहित की गई भूमि पर कार्यवाही स्थगित हुई। सोमवार को सिसवा – महन्थ में किसानों ने पूर्व मुख्यमंत्री के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रहकर उन्हें भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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