कसया/कुशीनगर। पिता भले ही एक माँ की तरह बच्चे को अपने कोख से जन्म ना दे पाये, लेकिन हर बच्चे के जीवन मे पिता का स्थान बहुत बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण होता है l पिता के सानिध्य में एक घने बरगद की छाया मे मिलने वाली शान्ती सा एहसास होता हैl बच्चों के जीवन मे पिता रोटी है कपड़ा है मकान हैl , पिता से माँ की चूड़ी बिंदी और सुहाग है, पिता है तो बचपन के सारे सपने हैंl
उक्त बाते कसया तहसील क्षेत्र के कुड़वा उर्फ दिलीप नगर ग्राम गुरुमियां अच्छयबर टोला निवासी पत्रकार राजन सिंह ने अपने विचार रखते हुए पिता दिवस के मौके पर कहीं l श्री सिंह का कहना हैं कि पिता वट वृक्ष के समान अपनी सन्तानो को छाव देते हैं, और आसमान की ऊचाईओ को छू लेने का मोनोबल और हिम्मत भी देते हैं l
हाटा कुशीनगर, स्थानीय नगर के वार्ड नंबर -1 बाघनाथ स्थित एक विबाह भवन में…
मथौली बाजार कुशीनगर, विकास खण्ड मोतीचक अन्तर्गत उच्च प्राथमिक विद्यालय मंगलपुर के प्रांगण में…
हाटा कुशीनगर । कोतवाली परिसर में थाना प्रभारी दीपक ने नगर के व्यापारियों संग…
हाटा (कुशीनगर)। पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से…