कसया/कुशीनगर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ,लखनऊ के निर्देशानुसार जिला जज अध्यक्ष कुशीनगर की अध्यक्षता में अपर जिला जज रविकांत यादव सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर की देख-रेख में महिलाओं के हित संरक्षण कानून की जानकारी हेतु जागरूकता शिविर का आयोजन तहसील कसया के ग्राम मुंडेरा रत्नपट्टी में की गई।
शिविर का संचालन अनुसुईया सिंह पैरा लीगल वालेंटियर द्वारा किया गया। रिसोर्स पर्सन पूनम जायसवाल द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिरकण एवं इसके कार्यों को बताते हुए संविधान एवं महिलाएं मौलिक अधिकार, नीति निदेशक तत्व, मूल कर्तव्य संवैधानिक उपचार, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 महिलाओं के विरूद्ध अपराध, लैंगिक उत्पीड़न, पीछा करना धारा 354 डी, दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडन आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया। रिसोर्स पर्सन सुमन सिंह द्वारा महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार, घरेलू हिंसा, पारिवारिक मामलों, गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम 1971, गर्भ धारण पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 महिलाओं के हित संरक्षित करने वाले कानून महिलाओं की गिरफ्तारी एवं बंदी महिलाओं के अधिकार आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया।इस दौरान तहसीलदार कसया नरेन्द्र राम द्वारा सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं के बारे जानकारी दी गई। अनुसुईया सिंह, पी० एल०वी० द्वारा भी महिलाओं को उनके हितो, घर में हो रहे दुर्व्यहार आदि से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। डा० निधि प्रदामल्ल द्वारा उपस्थित महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर व इसके टीका एवं इससे बचाव आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। रवि कान्त यादव, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा अपने संबोधन में महिलाओं को जानकरी देते हुए घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, महिलाओं के हित संबंधी कानून, धारा के संबंध में बताया गया l इनके द्वारा बताया गया कि अपने देश में आज भी महिलाएं जागरूक नहीं है वे अपने अधिकार के बारे में नहीं जानती है जिस कारण उनको बहुत अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है l उनको ये भी नहीं जानकारी हो पाता है कि किस बात की शिकायत कहा और किससे करें। इनके द्वारा बताया गया कि महिलाओं और बच्चों को एवं अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति के लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान किया जाता है। साथ ही उपरोक्त के मुकदमें की पैरवी हेतु कोई अधिवक्ता नहीं है तो विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मुकदमे की पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता दिया जाता है। इसके साथ ही महिलाओं के हित संरक्षण कानून व अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दिया गया।
इस अवसर पर राजस्व निरीक्षक बृजेश मणि, सभासद गिरिजेश सिंह, घनश्याम शुक्ल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के कर्मचारी राजकुमार वर्मा, विजय कुमार मिश्र, पैरालीगल वालेंटियर जयप्रकाश प्रजापति, दिनेश यादव सहित सैकड़ो महिलाएं एवं पुरुष उपस्थित रहे।
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