कुशीनगर। मुख्यमंत्री द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत तैयार किए गए ग्रामीण आवासीय अभिलेखों (घरौनी) का भौतिक वितरण लोक भवन लखनऊ से किया गया। जनपद कुशीनगर में कलेक्ट्रेट सभागार में उक्त कार्यक्रम का सजीव प्रसारण संपन्न किया गया। इस क्रम में मुख्यमंत्री द्वारा स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीण आवासीय अभिलेख का ऑनलाइन वितरण 11 लाख लोगों को किया गया। उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कुछ लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी सौंपा जिसमें अयोध्या, बांदा, बरेली, मेरठ और लखीमपुर खीरी के लाभार्थी शामिल थे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा की भू विवाद हटाने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन सर्वे के माध्यम से पैमाइश की जा रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकों के बेहतर उपयोग करते हुए विवादों का समाधान किया जा रहा है। 300 से अधिक राजस्व गांव का सर्वे संपन्न कर लिया गया है । अक्टूबर 2023 तक व्यक्ति को जहां आवास है वहीं ग्रामीण आवासीय अभिलेख दिलाने में सफल होंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समय सीमा के अंदर यह व्यवस्था लागू करने का कार्य करना होगा। रजिस्ट्रेशन विभाग को कानून व्यवस्था के साथ मिलकर कार्य करना होगा।
इस क्रम में जनपद के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद कुशीनगर विजय कुमार दुबे ने उक्त योजना के संदर्भ में कहा कि इससे ग्रामीणों के बीच आपसी विवाद समाप्त हो सकेगा। उन्होंने बताया कि तहसील समाधान दिवस /थाना समाधान दिवस व विभिन्न मंचों से जनसुनवाई की अध्यक्षता में 50% मामले अकेले ग्रामीणों के घर और घरारी को लेकर आते हैं। माननीय प्रधानमंत्री जी की उपलब्धियों को गिनाते उन्होंने कहा कि उनकी सोच काफी गहरी और ऊंची है। महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ पेयजल, हर घर को नल, नल को शुद्ध जल की व्यवस्था, कोरोना काल में कोई गरीब भूखा ना सोए इसके लिए राशन की व्यवस्था, और जनकल्याणकारी योजनाएं की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि तमाम योजनाओं से आम लोगों को जोड़कर देश की विकास किया गया।
उन्होंने कहा कि गांव, गरीब और किसानों के रास्ते और मार्ग को माननीय प्रधानमंत्री ने प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का उत्तर प्रदेश की धरती पर समय से पहले लाभ पहुंचाने में उनका प्रयास सराहनीय है। उक्त कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि अंग्रेजों के जमाने में कृषि भूमि की पैदावार के कुछ प्रतिशत के रूप में सरकार को कर देना पड़ता था। इससे भारत की धनराशि ब्रिटेन जाती थी। जहां लोग बसे थे उसका कोई भी अभिलेख नहीं बन पाया। विवाद के निपटारे में काफी लंबा समय लग जाता था।
घरौनी वितरण से मालिकाना हक के रूप में दस्तावेज भी प्राप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि पूरी संपत्ति के मालिकाना हक के दस्तावेज मिल जाते हैं। जनपद कुशीनगर की प्रगति के संदर्भ में उन्होनें बताया कि यहां पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 09 गांव में पहले से ही कार्य बहुत तेजी से चल रहा था। जुलाई तक ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा हो जाएगा तथा जनवरी 2023 से पहले ही कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। आज आयोजित कार्यक्रम में पडरौना तहसील के तीन ग्रामों के लाभार्थी हरदू छपरा, रसूलपुर और बेलवा बाबू तथा हाटा तहसील के चकनीलकंठ के लाभार्थियों को घरौनी का वितरण किया गया, जबकि जनपद के पडरौना तहसील के 02 लाभार्थी लखनऊ में सम्मानित हुए। आयोजित कार्यक्रम में कुछ प्रमुख लाभार्थियों में रामजीत, सुग्रीव, राधेश्याम, सत्य प्रकाश, आदि थे।
इस अवसर पर जिला भाजपा अध्यक्ष प्रेमचंद मिश्र ने उपस्थित को संबोधित करते हुए उन्होंने घर- घरारी को बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि इन समस्याओं पर किसी का वश नहीं चलता था, लेकिन स्वामित्व योजना के आ जाने से इस समस्या का खात्मा हुआ है ।
उन्होंने इसे एक दूरदर्शी प्रोजेक्ट भी बताया। इस अवसर पर विधायक रामकोला विनय गौड़, उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष व राज्य मंत्री अतुल सिंह, उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के उपाध्यक्ष व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजेश्वर सिंह, नगर पालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष विनय जायसवाल, अपर जिलाधिकारी देवीदयाल वर्मा, परियोजना निदेशक राजनाथ भगत, जिला पंचायत राज अधिकारी अभय यादव व सभी संबंधित लाभार्थीगण, जनप्रतिनिधि गण तथा अधिकारी गण उपस्थित रहे l
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