कसया/कुशीनगर।बौद्धों की गंगा कही जाने वाली हिरण्ड्यवती नदी के बुद्धा घाट पर आयोजित देव दीपावली वाराणसी के काशी में होने वाले देव दीपावली से भिन्न है। वहाँ सनातन पंथ से जुड़े आस्थावान इस परम्परा को निभाते हैं जबकि बुद्धा घाट कुशीनगर में सनातन पंथ के सभी अंग।
उक्त बातें कार्तिक पूर्णिमा पर वाइटल केयर फाउंडेशन के तत्वाधान में सोमवार को बुद्धा घाट पर होने वाले देव दीपावली और सिख धर्म के प्रवर्तक श्री गुरुनानक देव जी के 553 वें प्रकाश पर्व के आयोजन को लेकर जानकारी देते हुए संस्था प्रबन्धक व आयोजक डॉ अनिल कुमार सिन्हा और पूर्व विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी ने एक विज्ञप्ति में कही।
कुशीनगर में देव दीपावली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ सिन्हा ने बताया कि देव दीपावली पर आयोजन मेरे द्वारा वर्ष 2018 से किया जा रहा है। इस दिन गुरुनानक देव जी का जन्मदिन प्रकाश पर्व के रूप में सिख मनाते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध ने 60 अरहक शिष्यों को उपदेश देकर समाज में अज्ञानता रूपी अंधकार को मिटाने के लिए भेजा। किंवदंतियों के अनुसार 24 वें जैन तीर्थंकर महाबीर स्वामी को ज्ञान प्राप्त हुआ। इस लिए देव दीपावली सनातन पंथ के सभी अंगों द्वारा मनाया जाता है।
बुद्धा घाट पर आयोजित दीप दान के अवसर पर सुबह बौद्ध भिक्षु, सिख ग्रंथि, आचार्यगण विशेष पूजन अर्चन करेंगे। डॉ सिन्हा ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ पर्यटकीय विकास को बल देना है। जिससे स्थानीय स्तर पर आजीविका को बढ़ावा मिले।
खड्डा, कुशीनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील कार्यकारिणी खड्डा का द्विवार्षिक चुनाव ब्लाक परिसर…
कुशीनगर। कप्तानगंज पुलिस ने महिलाओं को निशाना बनाकर चोरी की वारदातों को अंजाम देने…
कुशीनगर। जनपद के सेवरही विकास खंड अंतर्गत ग्राम सभा हफुआ चर्तुभुज में मनरेगा कार्यों…
कुशीनगर। उत्तर प्रदेश में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘Cy-Vazra’…