कुशीनगर। अपर जिलाधिकारी देवीदयाल वर्मा ने बताया कि नगर निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनैतिक प्रतिनिधित्व के संबंध में अनुभवजन्य साक्ष्य एकत्रित किया जाना है।
उस हेतु आयोग के द्वारा यह निर्णय किया गया है कि उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से नगर निकायों के जनप्रतिनिधि जैसे मेयर / उप मेयर / पूर्व मेयर/ पूर्व उप मेयर / नगर पालिका अध्यक्ष / नगर पालिका उपाध्यक्ष / पूर्व नगर पलिका अध्यक्ष / पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष / नगर पंचायत अध्यक्ष / उपाध्यक्ष / पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष, सदस्य व कुछ जातीय संगठनों / संस्थाओं / पक्ष व विपक्ष के प्रतिनिधियों का मत राजनीतिक आरक्षण के संबंध में जाना जाय ।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि उपरोक्त सभी व्यक्ति / संस्थाएं अपना लिखित अभिमत एक सप्ताह के अन्दर अधोहस्ताक्षरी के कार्यालय में दे सकते है। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि आयोग के द्वारा मण्डल स्तर पर की जाने वाली सभा गोष्ठी (बैठक) में भी ऐसे व्यक्ति अपना लिखित अभिमत/विचार आयोग को स्वयं उपस्थित होकर प्रस्तुत कर सकते हैं।
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