कुशीनगर। सेवरही विकास खंड की ग्राम पंचायत हफुआ चतुर्भुज में मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में कथित अनियमितताओं का मामला अब प्रशासनिक जांच तक पहुंच गया है। लगातार तीन दिनों से समाचार प्रकाशित होने और सोशल मीडिया के माध्यम से जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट किए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। खंड विकास अधिकारी की ओर से जांच शुरू करा दी गई है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि अभी भी कुछ चकरोडों की जांच बाकी है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीसीजी/रामजी योजना एवं मनरेगा के तहत चकरोडों पर मिट्टी भराई और अन्य कार्य कागजों में पूर्ण दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान करा लिया गया, जबकि कई स्थानों पर आज भी पानी भरा हुआ है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जहां चकरोड जलमग्न हैं, वहां कार्य पूरा होने का दावा और भुगतान आखिर किस आधार पर किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मौके पर जाकर प्रत्येक कार्य का भौतिक सत्यापन, तकनीकी माप पुस्तिका (एमबी), मस्टर रोल, एनएमएमएस (NMMS) उपस्थिति और भुगतान अभिलेखों का मिलान कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी। उनका दावा है कि केवल एक-दो कार्यों की नहीं, बल्कि पूरी ग्राम पंचायत में मनरेगा के सभी कार्यों की जांच कराई जाए तो बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्र में चर्चा है कि कुछ चकरोडों की जांच अभी शेष है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि जांच केवल औपचारिकता न बनकर प्रत्येक कार्यस्थल का स्थलीय निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण कराया जाए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी धन का सदुपयोग हुआ है तो जांच से यह स्पष्ट हो जाएगा, लेकिन यदि अनियमितता हुई है तो दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका मानना है कि इससे मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की पारदर्शिता बनी रहेगी और सरकारी धन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।
अब पूरे मामले में लोगों की निगाहें सेवरही के खंड विकास अधिकारी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जांच निष्पक्ष होकर सच्चाई सामने लाएगी, या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा? ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस प्रकरण में तथ्यों के आधार पर निर्णय लेते हुए यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगा।
तराजू, ठीहा, बांका और चाकू बरामद; पशु क्रूरता निवारण अधिनियम व आर्म्स एक्ट में…
कुशीनगर। शादी का झांसा देकर वर्षों तक युवती का यौन शोषण करने और शादी…
कुशीनगर। सेवरही थाना क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की बढ़ती घटनाओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली…
कुशीनगर । हाटा कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने बुधवार को बड़ी…