पडरौना/कुशीनगर । जनपद कुशीनगर गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। जनपद का किसान अपने गन्ने के सहारे ही बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर परिवार का भरण पोषण करता है और शादी विवाह से लेकर घर की अन्य सभी जरूरतों को पूरा करता है। किसान गन्ने की फसल लगाने में अपना पूरा जमा पूँजी के साथ दिन रात जाड़ा हो या गर्मी या बरसात मेहनत करता है तब कही जाकर गन्ना तैयार होता है। यदि किसानों का गन्ना चीनी मिल में जाने से पहले ही खेतों में सूखने लगे तो किसान का पूरा परिवार भुखमरी के कगार पर पहुँच जायेगा। एक तरफ तो सरकार किसानों की आय दोगुनी करने में लगी है मगर आजतक किसानों की आय दोगुनी तो नही हुई मगर किसान कर्जदार जरूर हो गया और ऊपर से प्रकृति की मार से किसानों का कमर तोड़ने में कसर नही छोड़ रही है। उक्त बातें वेटरनस एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, किसान मोर्चा व भाकियू (अ) के जिलाध्यक्ष, कुशीनगर रामचन्द्र सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अवगत कराया। आगे श्री सिंह ने कहा की प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद में लगातार बारिस होने के वजह से तहसील तमकुही अंतर्गत विकासखंड तमकुहीराज ग्रामसभा पड़री में किसान जयन्त्री देवी – 1 एकड़, महंथ सिंह – 22 कठ्ठा, परम हंस सिंह – 10 कठ्ठा और नबाब अंसारी – 1 एकड़ गन्ना खेतों ही सुख गया है जो एक चिन्ता का विषय है। वैसे जनपद में अन्य जगहों से भी किसानों के गन्ने सूखने की जानकारी प्राप्त हो रही है। अन्त में श्री सिंह ने शासन प्रशासन से माँग किया है की जनपद में किसानों के सूखे हुए गन्ने का सर्वे कराकर उचित मुवावजा जल्द से जल्द दिलवाया जाय जो किसान हित में होगा।
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