हेतिमपुर/कसया । गन्ना विकास के लिए उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत गन्ना कृषक यात्रा के दौरान कुशीनगर स्थित एक पार्क में चौपाल लगाकर गन्ने की खेती की जानकारी और किसानों को सहफसली खेती करने के लिए प्रेरित किया ।
सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने बताया की मुजफ्फरनगर , सहारनपुर , बुलंदशहर , सामली , हापुड़ से आए किसानों ने बताया की पश्चिम की तुलना में यहां का गन्ना कमजोर है । पूर्वांचल में पशुपालन बहुत कम है जबकि हमारे यहां हर किसानों के वहा गाय भैंस पाए जाते है । चौपाल के दौरान जिला गन्ना अधिकारी डॉ के सैनी ने कृषक दल का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने बताया की गोरखपुर बस्ती मंडल का सबसे बड़ा गन्ना जनपद कुशीनगर है , यहां करीब 87 हजार हेक्टेयर में गन्ने की खेती होती है । जिले में विगत 2 वर्षों में अधिक वर्षा होने से गन्ने का चेत्रफल तथा उपज घटा है जिले का औसत उपज 719 कुंतल प्रति हेक्टेयर है । जिले में सर्वाधिक क्षेत्रफल में बोई गई गन्ना प्रजाति को 0238 में रेड राट रोग से ग्रषित है । और उसके जगह पर दूसरे प्रजाति की गन्ना बोने की बात कही गई है । जिले में सेवरही गन्ना शोध संस्थान है वहा से नई प्रजातियां दिया जा रहा है ।
गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच गोरखपुर द्वारा में गन्ने की वैज्ञानिक खेती , गन्ने के साथ सहफसली खेती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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