पडरौना/कुशीनगर। सड़कों पर अनियंत्रित ट्रैफिक को सुचारु बनाने के लिए तपती धूप में ट्रैफिक पुलिसकर्मी ड्यूटी करने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि पुलिस कर्मियों को राहत देने के लिए व्यस्त चौक-चौराहों पर शेड के निर्माण तक नहीं करवाए गए हैं। उन्हें प्रदूषण से बचने के लिए उपकरण तक नहीं दिए गए हैं। इसके विपरीत,ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एसी वाहनों व कार्यालय में बैठकर ड्यूटी दे रहे हैं।
करीब एक वर्ष पूर्व ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को राहत देने के लिए पडरौना शहर के कुछ चौराहों पर शेड बनाए गए थे। इन शेडों को धूप,बारिश से बचने और सख्त ड्यूटी से कुछ देर आराम के लिए कर्मियों को सौंपे गए थे। लेकिन विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते अधिकतर शेड खस्ताहाल हो गए हैं।
अगस्त के माह के अंतिम दौर में सोमवार को पारा बढ़ गया था,सड़क पर तैनात ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान के आलावा पीआरडी के जवान खुद को असहाय महसूस कर रहे थे। नाम न छापने की शर्त पर एक ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने बताया कि बढ़ते तापमान में काम करने से कई जवानों की सेहत खराब हो गई है। ट्रैफिक पुलिस के पास कर्मचारियों की कमी है। ड्यूटी इतनी कठोर है कि उन्हें इलाज करवाने के लिए छुट्टी तक नहीं मिल रही। वहीं,अधिकारी एसी वाहन और कार्यालय में बैठ कर निचले कर्मचारियों की सुविधाओं के बारे में कुछ नहीं सोचते। ऐसे में सोमवार को पडरौना शहर के सुभाष चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के जवान जितेन्द्र और असोक के साथ यातायात विभाग से जुड़े होमगार्ड के जवानों के साथ तपती धूप में अपनी ड्यूटी को निर्वहन करते नजर आए। यातायात विभाग कार्यालय के अनुसार जिले में कुल 19 ट्रैफिक कांस्टेबल की तैनाती है,जबकि 65 होमगार्ड के जवान के साथ-साथ 25 पीआरडी के जवान भी रोज यातायात को बेहतर बनाने के लिए गर्मी जाड़ा,बरसात और तपती धूप में ही ड्यूटी बजाने को मजबूर है।
दुबौली में विशाल बरगद ने दो मकानों को बनाया मलबा, डकही में पशु की…
हाटा, कुशीनगर। दो दिनों से हो रही भीषण बारिश और तेज आंधी ने हाटा…
कुशीनगर। पटहेरवा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे पेट्रोल पंप के समीप बालू के…
खड्डा। नारायणी नदी के बढ़े जलस्तर से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए…