खड्डा/कुशीनगर। गंडक नदी के जलस्तर में कमी होने से महादेवा गांव के सटे नदी का कटान जारी है। ग्रामीण भय के साए में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। हालांकि बाल्मीकि गण्डक बैराज से गंडक नदी में छोड़े गए पानी का जलस्तर रविवार के 1,21,500 क्यूसेक के सापेक्ष बढ़कर सोमवार को 1 लाख 34 हजार तक जा पहुंचा। लेकिन ग्रामीणों के खेतों व फसलों की कटान लगातार जारी है।
ग्राम पंचायत महादेवा के प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा ने बताया कि नदी में पानी कम होने से बीते बुधवार से नदी का कटान तेज हो गई है। कटान को रोकने के लिए लगे परक्यूपाइन भी जगह-जगह बैठ गया है। नदी कभी सीधा तो कभी उल्टा कटान कर रही है। जिससे गांव की दर्जनों लोगों के 7 से 8 एकड़ फसल लगी भूमि नदी में समा चुकी है। अब गांव के एकदम करीब कटान जारी है।
*खड्डा: तहसील प्रशासन ने नदी के कटान से प्रभावित महदेवा गांव के लोगों को किया एलर्ट* pic.twitter.com/P96bFoGoaZ
— News Addaa (@news_addaa) August 29, 2022
तहसील प्रशासन ने सोमवार को महादेवा गांव में नदी तट से 50 मीटर की परिधि में बसे लोगों को सतर्क रहने व अपने सामानों के साथ सुरक्षित स्थान पर शरण लेने को किया सतर्क
बताते चलें कि रविवार को एडीएम देवी दयाल वर्मा ने एसडीएम भावना सिंह के साथ महदेवा गांव के कटान स्थल का दौरा कर बाढ़ खण्ड के अभियंताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। राजस्व टीम भी लगातार गांव में पहुंचकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रविवार को कानूनगो लालजी प्रसाद लेखपाल राधेश्याम सहित तहसील कर्मी ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा के साथ गांव में ध्वनि विस्तारक यंत्र से नदी के 50 मीटर दूरी पर बसे लोगों को सतर्क रहने, अपने सामानों को सुरक्षित करने व सुरक्षित स्थान पर शरण लेने की अपील किया।
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