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पडरौना: बाल विवाह अपराध ही नहीं बड़ी सामाजिक कुरीति है

न्यूज अड्डा डेस्क

Reported By:

Apr 20, 2023  |  4:47 PM

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पडरौना: बाल विवाह अपराध ही नहीं बड़ी सामाजिक कुरीति है

पडरौना/कुशीनगर। बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है साथ ही कानूनी रूप से दण्डनीय अपराध भी है। जिला प्रोवेशन अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि समाज के कुछ लोगों द्वारा लड़के और लड़की का विवाह आयु 21 एवं 18 वर्ष के पूर्व ही कर दिया जाता है। प्रायः इस प्रकार के विवाह अक्षय तृतीया के अवसर पर होते हैं। जबकि इस संबन्ध में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत बाल विवाह होने पर 02 वर्ष की सजा अथवा 01 लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों का प्राविधान है।

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उन्होंने बताया कि बाल विवाह की किसी भी घटना के संबन्ध में सूचना मिलने पर चाइल्ड हेल्प लाइन 1098, डायल 112 व अपने नजदीकी थाने पर सूचित

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