पड़रौना, कुशीनगर। जनपद में रात्रिकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति परखने के लिए मंगलवार देर रात मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. चन्द्रप्रकाश के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आधा दर्जन से अधिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जहां कई अस्पतालों में चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले, वहीं कुछ केंद्रों पर लापरवाही, साफ-सफाई की कमी, रिकॉर्ड अपडेट न होना तथा प्रभारी व चिकित्सकों की अनुपस्थिति जैसी गंभीर खामियां भी सामने आईं। अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए और भविष्य में लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
सीएमओ डॉ. चन्द्रप्रकाश ने रात करीब आठ बजे सीएचसी नेबुआ नौरंगिया का निरीक्षण किया। यहां इमरजेंसी ड्यूटी पर चिकित्सक, फार्मासिस्ट व अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित मिले। लेबर रूम में दो गर्भवती महिलाओं का उपचार चल रहा था, जबकि एक महिला की सुबह ही डिलीवरी हुई थी। नवजात का वजन मात्र दो किलोग्राम मिलने पर सीएमओ ने स्टाफ नर्स को ऐसे बच्चों को अनिवार्य रूप से बाल रोग विशेषज्ञ को दिखाने के निर्देश दिए। स्टॉक रजिस्टर अपडेट न मिलने पर फार्मासिस्ट को फटकार लगाई गई तथा शीघ्र रिकॉर्ड पूर्ण करने को कहा गया। अस्पताल में बिजली व्यवस्था, ड्रेस कोड और आईडी कार्ड के पालन के निर्देश भी दिए गए। हालांकि निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी अनुपस्थित मिले।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एस.एन. त्रिपाठी ने सीएचसी कप्तानगंज और रामकोला का निरीक्षण किया। कप्तानगंज में सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद मिले, लेकिन सफाईकर्मी न होने से साफ-सफाई प्रभावित मिली। डिलीवरी रूम के शौचालय में गंदगी मिलने पर संबंधित वार्ड बॉय को कड़ी चेतावनी दी गई। वहीं रामकोला सीएचसी में निरीक्षण के दौरान एक सर्पदंश पीड़ित को वार्ड बॉय द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने पर अपर सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रत्येक कर्मचारी केवल अपने निर्धारित दायित्व का ही निर्वहन करे। अस्पताल की सफाई व्यवस्था और बेहतर करने के निर्देश भी दिए गए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. आर.डी. कुशवाहा ने सीएचसी दुदही और विशुनपुरा का औचक निरीक्षण किया। दुदही में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सिद्धार्थ सहित सभी स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मिले तथा करीब 15 घायलों का उपचार किया जा चुका था। लेबर रूम में दो प्रसव होने के बावजूद ‘मंत्रा’ ऐप पर प्रविष्टि न मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई। एक अधिक वजन वाले नवजात को बाल रोग विशेषज्ञ से न दिखाने पर स्टाफ नर्स को फटकार लगाई गई। यहां भी प्रभारी चिकित्साधिकारी अनुपस्थित मिले।
सीएचसी विशुनपुरा में निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक भी अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित मिले। फार्मासिस्ट ने बताया कि चिकित्सक परिसर में ही अपने कमरे पर हैं, जिस पर डिप्टी सीएमओ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान चिकित्सक को इमरजेंसी कक्ष में ही उपलब्ध रहना चाहिए। अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली।
उधर, डिप्टी डीआईओ डॉ. अवधेश कुशवाहा ने सीएचसी हाटा और देवतहा का निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में चिकित्सक, फार्मासिस्ट एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद मिले और मरीजों का उपचार करते पाए गए। हाटा में लेबर रूम, पीकू वार्ड सहित अन्य व्यवस्थाएं संतोषजनक मिलीं तथा साफ-सफाई भी बेहतर पाई गई। देवतहा सीएचसी में भी सभी इमरजेंसी सेवाएं सुचारु रूप से संचालित होती मिलीं।
निरीक्षण के बाद सीएमओ डॉ. चन्द्रप्रकाश ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रात्रिकालीन इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय पर ड्यूटी, ड्रेस कोड, आईडी कार्ड तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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